सीजी भास्कर, 02 जुलाई। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले में जिला सरपंच संघ और प्रशासन (Panchayat CEO Transfer) के बीच चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। मोहला जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रांजल प्रजापति का तबादला बस्तर किए जाने के बाद अब जिला सरपंच संघ ने जिला पंचायत CEO को हटाने की मांग तेज कर दी है। वहीं पूरे मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने 12 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है।
जनपद CEO के तबादले से बढ़ी हलचल
मोहला जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रांजल प्रजापति का तबादला बस्तर कर दिया गया है। हालांकि शासन की ओर से तबादले के कारणों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। पिछले एक सप्ताह से जिला सरपंच संघ पंचायत विभाग और प्रशासन पर कथित वसूली तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा था। इसी बीच हुए तबादले के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक पहुंचा मामला
तबादला आदेश जारी होने के दिन ही जिला सरपंच संघ का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों से मुलाकात कर पंचायत विभाग और प्रशासन की कार्यशैली से जुड़े मुद्दों को उठाया। सरपंच संघ ने शासन के समक्ष अपनी मांगें और शिकायतें भी रखीं।
कलेक्टर ने गठित की 12 सदस्यीय जांच समिति
जिला सरपंच संघ और प्रशासन के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए कलेक्टर ने 12 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। दो अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को तीन अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया है। ये टीमें मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी जनपद पंचायत क्षेत्रों में जाकर सरपंच संघ की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत तथ्यों की जांच करेंगी।
अब जिला पंचायत CEO को हटाने की मांग
मोहला जनपद पंचायत के CEO के तबादले के बाद भी जिला सरपंच संघ अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। संघ अब जिला पंचायत CEO के तबादले की मांग पर अड़ा हुआ है। सरपंच संघ का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों के साथ हो रहे व्यवहार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
185 सरपंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
जिला सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के सभी 185 सरपंच सामूहिक इस्तीफा देंगे। संघ ने उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा से भी हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल जिले में पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच विवाद बरकरार है और सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट तथा शासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।



