सीजी भास्कर, 04 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के प्रति सख्त नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कवर्धा परियोजना मंडल ने नर चीतल के अवैध शिकार (Chital Hunting) का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर करीब तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया था। शिकार के बाद आरोपी चीतल के मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग और वन विकास निगम की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सातों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
चीतल का मांस और शिकार में प्रयुक्त सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार, लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
सघन निगरानी से वन्यजीव अपराधों पर लग रहा अंकुश
वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सूचना तंत्र को मजबूत करने और विशेष निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों, वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन मंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।



