सीजी भास्कर, 21 जून : दुर्ग जिले की जामुल पुलिस ने गांजा तस्करी (Ganja Smuggling Case ) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिकअप वाहन में रखे स्टेपनी टायरों के अंदर गांजा छिपाकर उसकी तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 किलो 500 ग्राम गांजा, पिकअप वाहन, चार मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 17 लाख 72 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। बरामद गांजे की कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये आंकी गई है।
ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 1 बजे थाना जामुल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि घासीदास नगर मैदान के पास खड़ी एक सफेद रंग की पिकअप वाहन में अवैध रूप से गांजा रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोककर जांच शुरू की।
स्टेपनी टायर के अंदर मिला गांजा
तलाशी के दौरान वाहन में प्लास्टिक कैरेट के बीच रखे दो स्टेपनी टायर पुलिस को संदिग्ध लगे। पुलिस ने ऑटो मिस्त्री को बुलाकर टायरों को खुलवाया। जांच में एक टायर के अंदर 16 पैकेट और दूसरे टायर के अंदर 15 पैकेट मिले। कुल 31 पैकेटों से 15 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने तस्करी को छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। स्टेपनी टायरों के भीतर गांजा छिपाकर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
तीन आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन में सवार तीन युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उनकी पहचान आकाश जांगड़े (18 वर्ष) निवासी बागडूमर थाना नंदिनी, मुकेश कुमार सेन (22 वर्ष) निवासी अटल आवास घासीदास नगर जामुल तथा टिकेश्वर यादव (18 वर्ष) निवासी घासीदास नगर जामुल के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, बिक्री की रकम 2 हजार रुपये, पिकअप वाहन और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
जामुल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। मामले में अन्य तस्करों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।





