सीजी भास्कर, 16 जून। मानसून की दस्तक के साथ राजधानी में नशे के अवैध कारोबार को लेकर हलचल (Drug Trafficking) तेज हो गई है। शहर के कई इलाकों में लंबे समय से चल रही गतिविधियों पर नजर रखने के बाद पुलिस ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। लोगों के बीच भी इस अभियान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और कई क्षेत्रों में पुलिस की बढ़ी सक्रियता महसूस की जा रही है।
शहर के अलग अलग हिस्सों में लगातार मिल रही सूचनाओं और पिछले मामलों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने विस्तृत योजना तैयार की है। अधिकारियों का दावा है कि इस बार कार्रवाई केवल सतही स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
दो सौ से ज्यादा स्थान निगरानी में : Drug Trafficking
पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े 211 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। इनमें सेंट्रल क्षेत्र के 56, पश्चिमी क्षेत्र के 93 और उत्तरी क्षेत्र के 62 इलाके शामिल बताए गए हैं। तेलीबांधा, हीरापुर, टाटीबंध, खमतराई, उरला और दलदल सिवनी जैसे क्षेत्रों को प्रमुख संवेदनशील स्थानों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन इलाकों में एक साथ विशेष कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
माइक्रो स्तर पर चलेगा अभियान
अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियों का डाटा तैयार किया गया है। इस बार केवल छोटे स्तर पर काम करने वालों को नहीं, बल्कि पूरे आपूर्ति तंत्र को निशाना बनाया जाएगा। पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे कारोबार को संरक्षण देने में भूमिका निभा रहे हैं।
बदल गया है तस्करी का तरीका
जांच में यह सामने आया है कि अवैध कारोबार से जुड़े लोग अब सामान पहुंचाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। परिवहन सेवाओं, पार्सल माध्यमों और बसों का इस्तेमाल कर खेप भेजी जा रही है।
जानकारी के अनुसार कपड़ों और खाने पीने के सामान के बीच छिपाकर सामग्री भेजी (Drug Trafficking) जा रही है। हाल ही में एक पार्सल की जांच में मशीन बताकर भेजी गई खेप के भीतर गांजा मिलने का मामला भी सामने आया था।
दूसरे राज्यों से हो रही सप्लाई
पुलिस के अनुसार ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से प्रतिबंधित टेबलेट, कैप्सूल और नशीले सिरप राजधानी तक पहुंचाए जा रहे हैं। लगातार कार्रवाई के कारण अब तस्करों ने अपना तरीका बदल लिया है। पहले बड़े स्तर पर सीधे आपूर्ति की जाती थी, लेकिन अब आसपास के जिलों में सामान जमा कर छोटी छोटी खेप के जरिए शहर तक पहुंचाया जा रहा है।
बड़े नेटवर्क पर भी नजर
पुलिस का कहना है कि पूर्व में कई बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। कई आरोपियों को जेल भेजा गया और कुछ पर प्रशासनिक प्रतिबंध भी लगाए गए। इसके बावजूद उनके सहयोगियों द्वारा गतिविधियां जारी रखने की जानकारी मिली है। इसी वजह से नए सिरे से सूची तैयार कर ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है।
सैकड़ों गिरफ्तारी के बाद भी अभियान जारी
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के अनुसार अब तक 332 तस्करों को गिरफ्तार किया (Drug Trafficking) जा चुका है। इनमें 78 आरोपी दूसरे राज्यों से जुड़े बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नए नाम लगातार सामने आ रहे हैं और उनके खिलाफ भी जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मानसून के दौरान शुरू किया जा रहा यह विशेष अभियान राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।





