सीजी भास्कर, 05 जुलाई। अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच के दौरान मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के 15 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस को मिले साक्ष्यों के अनुसार उसने कई लोगों के खातों में रकम ट्रांसफर की, जबकि कुछ लोगों को नकद भुगतान भी किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह राशि मंदिर के दान की चोरी से तो संबंधित नहीं है। (Ayodhya Ram Mandir donation theft)
महिला मित्र को दिए ₹2 लाख और महंगा मोबाइल : Ayodhya Ram Mandir donation theft
जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला ने अपनी एक महिला मित्र को करीब दो लाख रुपये नकद और एक महंगा मोबाइल फोन उपहार में दिया था। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका स्रोत क्या था।
भाई के बयान से जांच को मिली नई दिशा
पुलिस जांच में अविनाश के भाई अभिषेक का बयान भी अहम माना जा रहा है। उसने बताया कि कई बार ड्यूटी के बाद अविनाश को बड़ी मात्रा में नकदी लेकर जाते देखा गया। पूछने पर अविनाश कोई स्पष्ट जवाब नहीं देता था। बाद में अनुकल्प से पूछने पर उसने कहा कि मंदिर में जजमान खुशी से पैसे दे देते हैं और दर्शन कराने में मदद के बदले भी लोग नकद दे जाते हैं। साथ ही उसने इस विषय पर दोबारा सवाल न करने की बात कही। अब पुलिस इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।
दान गिनती प्रक्रिया में लागू हुए सख्त नियम : Ayodhya Ram Mandir donation theft
घटना के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने दान की गिनती व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं। अब नोटों की गिनती टेबल-कुर्सियों के बजाय जमीन पर गद्दे और प्लाईवुड बिछाकर कराई जा रही है। गिनती के दौरान कर्मचारियों के आपस में बातचीत करने पर रोक लगा दी गई है। बार-बार बाथरूम जाने वाले कर्मचारियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जबकि कैंटीन में भी अधिक समय तक रुकने की अनुमति नहीं होगी। पूरे काउंटिंग रूम और सीसीटीवी कंट्रोल रूम की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दान की गिनती पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहे।



