सीजी भास्कर, 05 जुलाई। बस्तर में आषाढ़ की शुरुआत के साथ ही मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। एक जुलाई से लगातार हो रही रुक-रुककर बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं कृषि और पर्यटन गतिविधियों में भी नई उम्मीद जगा दी है। महज चार दिनों की बारिश में पिछले वर्ष जुलाई महीने में हुई कुल वर्षा के बराबर पानी दर्ज किया गया है। (Chitrakote Waterfall)
लगातार बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।
बारिश का सबसे सकारात्मक असर चित्रकोट जलप्रपात पर देखने को मिला है। जलप्रवाह बढ़ने से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल चित्रकोट (Chitrakote Waterfall) जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता फिर से निखरने लगी है, जिससे पर्यटकों के आने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
हालांकि लगातार हो रही बारिश का असर शहरी क्षेत्रों में भी दिखाई दिया है। जगदलपुर शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद किसानों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह बारिश राहत और उम्मीद लेकर आई है।


