सीजी भास्कर, 05 जुलाई। गरियाबंद जिले के विकासखंड छुरा के अंतिम वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बीजापाल में बगनई नदी में अचानक आई बाढ़ ने निर्माणाधीन पुल पर काम कर रहे 14 मजदूरों की जान संकट में डाल दी। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर मजदूर चारों ओर से पानी में घिर गए। अपनी जान बचाने के लिए सभी ने नदी किनारे एक पेड़ का सहारा लिया और पूरी रात उसी पर बिताई। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और सुबह संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। (Gariaband flood rescue)
पूरी रात पेड़ पर बिताई, सुबह मिली राहत : Gariaband flood rescue
लगातार बारिश के कारण बगनई नदी उफान पर आ गई। निर्माणाधीन पुल पर कार्य कर रहे 10 पुरुष और 4 महिला मजदूर अचानक तेज बहाव में फंस गए। रात के समय नदी का बहाव अत्यधिक होने के कारण तत्काल बचाव अभियान चलाना संभव नहीं था। ऐसे में सभी मजदूरों ने हिम्मत दिखाते हुए पेड़ का सहारा लिया और पूरी रात वहीं गुजारी।
एनडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू अभियान
सुबह होते ही गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। महासमुंद से पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम, एनडीआरएफ और पुलिस बल ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा
रेस्क्यू अभियान के दौरान गरियाबंद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, थाना प्रभारी और ग्राम पंचायत के सरपंच सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने लगातार हालात की निगरानी करते हुए बचाव दल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील : Gariaband flood rescue
सभी मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास नहीं जाने और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू टीम और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।



