सीजी भास्कर, 05 जुलाई : शहर के सीएमडी चौक स्थित आइएमए सभा भवन में कथित मतांतरण गतिविधियों की सूचना के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। बिलासपुर मतांतरण विवाद (Bilaspur Conversion Row) के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए तथा विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने तारबाहर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिलासपुर मतांतरण विवाद (Bilaspur Conversion Row) के तहत आइएमए कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा ईसाई मिशनरी गतिविधियों के माध्यम से हिंदू समाज के लोगों को आर्थिक सहायता, निःशुल्क चिकित्सा, बेहतर जीवन और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
सीसीटीवी, वीडियो और दस्तावेजों की जांच की मांग
हिंदू संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि बिलासपुर मतांतरण विवाद (Bilaspur Conversion Row) में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो, मोबाइल रिकॉर्ड, दस्तावेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाकर जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया जाए।
‘पहले भी मिलती रही हैं ऐसी शिकायतें’
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिलासपुर में पिछले कुछ समय से इस प्रकार की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि धर्मांतरण रोकने के लिए कानून होने के बावजूद यदि उसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं किया गया तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। बिलासपुर मतांतरण विवाद (Bilaspur Conversion Row) को लेकर उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई
तारबाहर पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि बिलासपुर मतांतरण विवाद (Bilaspur Conversion Row) की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



