सीजी भास्कर, 05 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार ने देश के पहले उद्योग मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद और राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रतिमा योजना (Shyama Prasad Mukherjee Statue) के तहत राज्य के संभागीय और जिला मुख्यालय वाले 32 नगरीय निकायों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की घोषणा के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस योजना के लिए 10 करोड़ 60 लाख रुपए मंजूर कर दिए हैं।
5 संभागीय और 27 जिला मुख्यालयों में लगेंगी प्रतिमाएं
श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रतिमा योजना (Shyama Prasad Mukherjee Statue) के तहत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित पांच संभागीय मुख्यालयों में प्रतिमा स्थापना एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए 50-50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं जिला मुख्यालय वाले 27 नगरीय निकायों के लिए 30-30 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 4 नगर निगम और 23 नगर पालिकाएं शामिल हैं।
125वीं जयंती से पहले जारी हुए आदेश
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बताया कि 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर को देखते हुए प्रतिमा स्थापना के लिए राशि स्वीकृति के प्राविधिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रतिमा योजना (Shyama Prasad Mukherjee Statue) के तहत संबंधित नगरीय निकायों में जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
‘युवाओं को मिलेगी प्रेरणा’ : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा थे। उन्होंने “एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान” के संकल्प को लेकर देश की एकता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रतिमा योजना (Shyama Prasad Mukherjee Statue) के माध्यम से नई पीढ़ी उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान से प्रेरणा ले सकेगी।
प्रतिमा के साथ होगा सौंदर्यीकरण भी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिमाओं की स्थापना के साथ-साथ परिसर का आकर्षक एवं व्यवस्थित सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। इससे शहरों में बेहतर सार्वजनिक स्थल विकसित होंगे और नागरिकों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रेरणादायी वातावरण मिलेगा। उन्होंने संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।



