सीजी भास्कर, 03 जून। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। आज तड़के भिलाई के सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जे.के. ध्रुव के निवास पर जांच एजेंसी की टीम ने दबिश दी। करीब 2 बजे दो वाहनों में पहुंचे अधिकारियों ने घर के भीतर दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच शुरू की। परिसर के बाहर सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे। (CGPSC Recruitment Scam)

हालांकि, कार्रवाई किस एजेंसी द्वारा की जा रही है, इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि टीम सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी की है। अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या है पूरा मामला? : CGPSC Recruitment Scam
सीजीपीएससी भर्ती घोटाला राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 की चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रभावशाली अधिकारियों, नेताओं और रसूखदार लोगों के परिजनों को लाभ पहुंचाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर की गई और प्रश्नपत्र लीक किए गए।
सीबीआई की जांच में दावा किया गया है कि तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच एजेंसी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों में कई ऐसे नाम शामिल थे, जिनका संबंध प्रभावशाली परिवारों से था।

पेपर लीक और चयन प्रक्रिया पर सवाल : CGPSC Recruitment Scam
जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। आरोप है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले चुनिंदा लोगों तक पहुंचाए गए, जिससे उन्हें अनुचित लाभ मिला। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में परीक्षा प्रक्रिया में अंदरूनी मिलीभगत और पेपर लीक के पर्याप्त साक्ष्य होने का दावा किया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, राज्य सेवा परीक्षा 2021 के टॉप चयनित अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या ऐसे उम्मीदवारों की थी, जिनका संबंध अधिकारियों, नेताओं या प्रभावशाली कारोबारी परिवारों से था। इसके बाद चयन सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और मामला सीबीआई जांच तक पहुंचा।
जांच का दायरा बढ़ा
सूत्रों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर जांच जारी है। इसी क्रम में भिलाई स्थित जे.के. ध्रुव के निवास पर भी कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि इस कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी होता है, तो मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।



