सीजी भास्कर, 06 जुलाई। नगर निगम की सामान्य सभाओं में लंबी चर्चाओं के बावजूद शहरवासियों को अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है। मार्च से अब तक आयोजित दो सामान्य और एक विशेष सामान्य सभा में बजट, एजेंडा और विभिन्न प्रस्तावों पर करीब 18 घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन जलभराव, सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई। इसका असर मानसून की पहली तेज बारिश में भी देखने को मिला, जब शहर के कई हिस्सों में जलभराव और अव्यवस्था की स्थिति बन गई। (Municipal Corporation Meeting)
सोमवार को नगर निगम की एक और विशेष सामान्य सभा आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लाटिंग, अवैध निर्माण, अतिक्रमण और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं और सुझावों को सभा में रखेंगे।
30 मार्च को आयोजित सामान्य सभा में महापौर मीनल चौबे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2130 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। बजट में महिलाओं के लिए शांति गृह, छात्रावास, उद्यानों के संरक्षण, जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने सहित कई घोषणाएं की गई थीं। हालांकि चार महीने बीत जाने के बाद भी अधिकांश घोषणाओं पर अमल शुरू नहीं हो सका है।
10 अप्रैल को हुई दूसरी सामान्य सभा (Municipal Corporation Meeting) में 14 एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें से 12 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें वेंडिंग जोन, दुकानों के पट्टे, निगम की संपत्तियों का उपयोग, विभिन्न संस्थानों को भूमि उपलब्ध कराने और सड़कों के नामकरण जैसे प्रस्ताव शामिल थे। इसके बावजूद वेंडिंग जोन और दुकानदारों के पुनर्व्यवस्थापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब तक अधूरे हैं।
27 अप्रैल को महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष सामान्य सभा आयोजित की गई थी। इस बैठक में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन शहरवासियों को प्रत्यक्ष रूप से कोई नई सुविधा या योजना का लाभ नहीं मिल पाया।
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि विशेष सामान्य सभा केवल विशेष परिस्थितियों और बड़े जनहित के मामलों में बुलाई जानी चाहिए, जबकि नियमित प्रशासनिक विषयों पर इस तरह की बैठकें आयोजित करना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है। विपक्ष का कहना है कि नगर निगम की प्राथमिकता शहर की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
वहीं, भाजपा पार्षदों की बैठक (Municipal Corporation Meeting) में उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निगम के कार्यों में कमी को लेकर केवल अधिकारियों की जवाबदेही तय करें। साथ ही महापौर, एमआईसी, सरकार या पार्टी के कार्यों पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी से बचने को कहा गया है। बैठक में महापौर मीनल चौबे, जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर और सभी भाजपा पार्षद मौजूद रहे। डीडी नगर वार्ड के पार्षद आशु चंद्रवंशी को भाजपा पार्षद दल का सचेतक भी नियुक्त किया गया।



