सीजी भास्कर, 07 जुलाई। बिलासपुर में लगातार बारिश के बीच नगर निगम अलर्ट मोड पर आ गया है। जलभराव की आशंका वाले इलाकों में हालात बिगड़ने से पहले ही निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे सोमवार को खुद मैदान में उतरे और चौबे कॉलोनी से लेकर मंगला, तालापारा, जोरापारा, बंधवापारा, अभिषेक विहार, गंगानगर, हंसा विहार, श्रीकांत वर्मा मार्ग और भारती नगर समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल निकासी व्यवस्था, नालों-नालियों की सफाई और बारिश के पानी के बहाव की स्थिति देखी गई। (Bilaspur Municipal Corporation)
राहत की बात यह रही कि लगातार बारिश के बावजूद शहर में अब तक बड़े स्तर पर जलभराव की स्थिति नहीं बनी है। अधिकांश नालों और नालियों से पानी का बहाव सामान्य मिला। निगम का दावा है कि मानसून से पहले दो चरणों में चलाए गए नाला-नाली सफाई अभियान का असर अब साफ दिख रहा है। इसी वजह से कई संवेदनशील इलाकों में भी पानी ज्यादा देर तक नहीं ठहर रहा।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में सफाई और जल निकासी व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन इलाकों में हर साल जलभराव की आशंका रहती है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए। नालों-नालियों की नियमित सफाई, सतत मॉनिटरिंग और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने अपने मैदानी अमले और संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है।
24 घंटे के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष एक्टिव : Bilaspur Municipal Corporation
बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या और अरपा नदी का जलस्तर बढ़ने जैसी संभावित स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने विकास भवन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया है। यहां 24 घंटे तीन पालियों में अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आपात स्थिति में नागरिक 07752-471224 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
अधिकारी रहेंगे जिम्मेदार
नोडल अधिकारी: अपर आयुक्त खजांची कुम्हार – 9753437043
मुख्य अभियंता: राजकुमार मिश्रा – 9993596510
सहायक नोडल अधिकारी: अधीक्षण अभियंता एसपी साहू – 9424202260
निगम (Bilaspur Municipal Corporation) ने आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठहराने के लिए सामुदायिक, शासकीय और निजी भवन भी चिन्हित किए हैं। इसके लिए अलग से नोडल अफसर तैनात किए गए हैं। वहीं जोन कमिश्नरों को सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत और जर्जर भवनों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।



