सीजी भास्कर, 09 जुलाई : स्कूल एडमिशन (School Admission) को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार ने आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी विद्यालयों में कक्षा पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 6 वर्ष निर्धारित कर दी है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने संबंधित विभागों और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बच्चों के फाउंडेशनल स्टेज को मजबूत करने के साथ-साथ पूरे प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सकेगी।
1 अप्रैल की स्थिति में तय होगी उम्र, हर कक्षा के लिए अलग आयु सीमा
स्कूल शिक्षा सचिव (School Admission) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, बच्चों के फाउंडेशनल स्टेज को मजबूत करने और प्राथमिक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया को एक समान बनाने के लिए संबंधित शैक्षणिक सत्र की 01 अप्रैल को बच्चे की आयु के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार नर्सरी (बालवाटिका-1) में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष से कम होनी चाहिए। केजी-1 (बालवाटिका-2) के लिए 4 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम, केजी-2 (बालवाटिका-3) के लिए 5 वर्ष से अधिक और 6 वर्ष से कम, जबकि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष से कम निर्धारित की गई है।
अभिभावकों को राहत, 3 महीने की विशेष छूट मिलेगी
सरकार ने अभिभावकों और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमों में आंशिक शिथिलता भी दी है। यदि कोई बच्चा 01 अप्रैल तक निर्धारित आयु पूरी नहीं कर पाता, लेकिन 01 जुलाई तक उसकी आवश्यक आयु पूरी हो जाती है, तो उसे अधिकतम तीन माह की विशेष छूट देते हुए संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा। इससे ऐसे बच्चों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित नहीं होगा, जिनकी आयु कुछ दिनों के अंतर से पूरी होती है।
सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों में लागू होगा नियम
स्कूल शिक्षा विभाग (School Admission) ने स्पष्ट किया है कि यह नई व्यवस्था राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय (निजी) और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगी। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार (RTE) के अंतर्गत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर होने वाले प्रवेशों में भी यही नियम प्रभावी रहेगा। यानी राज्य के सभी स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए एक समान आयु सीमा लागू होगी।
इन विद्यार्थियों को नई आयु सीमा से मिलेगी छूट
विभागीय निर्देशों के अनुसार यदि कोई छात्र किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय की पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary) कक्षा से उत्तीर्ण होकर सीधे पहली कक्षा में प्रवेश ले रहा है, तो उस पर यह नई आयु सीमा लागू नहीं होगी। ऐसे विद्यार्थियों को उनके स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (TC), अंकसूची अथवा स्कोर कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। इससे पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और सभी शाला प्रमुखों के माध्यम से इन नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही अभिभावकों की सुविधा और जागरूकता के लिए इन नए प्रावधानों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी भ्रम के सुचारू रूप से संचालित हो सके।



