सीजी भास्कर, 09 जुलाई : रविशंकर सागर बांध (Ravishankar Sagar Dam) के सुदृढ़ीकरण और पुनर्वास कार्यों को नई गति देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग ने धमतरी जिले के विकासखंड धमतरी स्थित महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत आने वाले रविशंकर सागर बांध के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 4 करोड़ 58 लाख 12 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन के इस निर्णय से बांध की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, साथ ही भविष्य में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, स्वीकृत राशि का उपयोग बांध के विभिन्न सुदृढ़ीकरण कार्यों और पुनर्वास से जुड़े जरूरी निर्माण कार्यों पर किया जाएगा। इन कार्यों के लिए मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों को तय मानकों के अनुसार कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविशंकर सागर बांध धमतरी जिले की प्रमुख जल संरचनाओं में शामिल है। यह बांध महानदी परियोजना का अहम हिस्सा है और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई, जल संरक्षण तथा जल आपूर्ति की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में किसान इस परियोजना से मिलने वाले पानी पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बांध की मजबूती और रखरखाव सुनिश्चित करना आवश्यक माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय-समय पर बांधों का सुदृढ़ीकरण कराया जाना जरूरी होता है, ताकि उनकी संरचनात्मक क्षमता बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार का जोखिम उत्पन्न न हो। इसके साथ ही पुनर्वास से जुड़े कार्यों को भी पूरा किया जाता है, जिससे परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
जल संसाधन विभाग का मानना है कि स्वीकृत कार्य पूरे होने के बाद बांध की दीर्घकालिक सुरक्षा और कार्यक्षमता में सुधार होगा। इससे जल भंडारण क्षमता को सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में किसानों को खेती के लिए बेहतर जल उपलब्धता का लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार लगातार प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं के आधुनिकीकरण और रखरखाव पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में विभिन्न बांधों, एनीकटों और जल संरचनाओं के संरक्षण एवं उन्नयन के लिए चरणबद्ध तरीके से राशि स्वीकृत की जा रही है। रविशंकर सागर बांध के लिए मिली यह स्वीकृति भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य शुरू किए जाएंगे। कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की निगरानी भी विभागीय स्तर पर की जाएगी, ताकि परियोजना का लाभ समय पर मिल सके।



