सीजी भास्कर, 11 जुलाई : छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में पिछले एक सप्ताह से कई वार्डों में मटमैले और गंदे पानी की सप्लाई (Dirty Water Supply Balod) को लेकर विवाद गहरा गया है। सुबह-शाम दूषित पानी आने की शिकायतों के बाद वार्डवासियों में डायरिया समेत जलजनित बीमारियों का डर बढ़ गया है। इस मुद्दे को लेकर नगर पालिका के पार्षदों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) का कहना है कि शहर में पूरी तरह शुद्ध और ट्रीटमेंट के बाद ही पानी की सप्लाई की जा रही है।
पार्षदों ने उठाए गंभीर सवाल
पाररास वार्ड की पार्षद पुष्पा ईश्वर साहू, कुन्दरूपारा के पार्षद गोकुल ठाकुर और गंजपारा के पार्षद सुमित शर्मा ने आरोप लगाया कि लगातार बारिश के कारण खरखरा केनाल का मटमैला पानी सिवनी स्थित पंप हाउस तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि शहर में तांदुला जलाशय का साफ पानी सप्लाई होना चाहिए, लेकिन फिलहाल गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
केनाल का गेट बंद कर तांदुला का पानी छोड़ने की मांग
पार्षद सुमित शर्मा ने कहा कि बरसात के दौरान खरखरा केनाल का गेट बंद कर तांदुला जलाशय का पानी सीधे पंप हाउस तक पहुंचाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि गंदे पानी की सप्लाई जारी रही तो शहर में डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
कुन्दरूपारा और जुर्रीपारा में सबसे अधिक शिकायतें
कुन्दरूपारा के पार्षद गोकुल ठाकुर ने बताया कि लगातार बारिश के बाद से उनके वार्ड में गंदा और मटमैला पानी आ रहा है। उन्होंने स्वयं पंप हाउस के पास जाकर स्थिति देखी, जहां केनाल का पानी पूरी तरह गंदला था। उनका आरोप है कि केनाल किनारे स्थित कई घरों का गंदा पानी भी इसमें मिल रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
CMO बोले- पानी पूरी तरह सुरक्षित
नगर पालिका के सीएमओ खिरोद्र भोई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग द्वारा पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई थी, जिसमें पानी पीने योग्य पाया गया। गंजपारा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को शुद्ध करने के बाद ही शहर के विभिन्न वार्डों में सप्लाई किया जा रहा है। उनके अनुसार फिलहाल शहर में दूषित पानी से किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
पालिका अध्यक्ष ने जांच का दिया भरोसा
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि वे स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगी। यदि जांच में यह पाया गया कि खरखरा केनाल का गंदा पानी सिवनी पंप हाउस तक पहुंच रहा है, तो सिंचाई विभाग से चर्चा कर तत्काल केनाल का पानी बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।



