सीजी भास्कर, 11 जुलाई। छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाने वाले एक हाईप्रोफाइल अंतरजिला चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में हुई सिलसिलेवार 8 बड़ी चोरियों का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके परिणामस्वरूप, आरोपियों के कब्जे से 168 ग्राम सोना, 150 ग्राम चांदी, लग्जरी कारें और इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित कुल 32 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। (Durg Police Action)
कैसे हुआ खुलासा? इंडिगो कार से भागने की कोशिश में दबोचे गए : Durg Police Action
मोहन नगर और पद्मनाभपुर क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों को देखते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था।
सघन नाकेबंदी: 10 जुलाई 2026 की रात पुलिस की टीम नियमित पेट्रोलिंग और नाकेबंदी पर तैनात थी.
घेराबंदी कर पकड़ा: इसी दौरान एक सफेद रंग की संदिग्ध इंडिगो कार आती दिखी. पुलिस ने जब गाड़ी को रुकने का इशारा किया, तो चालक तेजी से भागने लगा. तत्पश्चात, मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार को रोका और उसमें सवार आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गाड़ी की तलाशी लेने पर 02 एलईडी टीवी, डीवीआर सहित चोरी में इस्तेमाल होने वाले सब्बल और पेचकस बरामद हुए.
अपराध की वजह : ₹70,000 कमाने वाला MR ऐसे बना ‘मास्टरमाइंड‘
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया.
मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) के रूप में काम कर रहा था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये कमाता था।

मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा ने बताया कि वह वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एम.आर.) के रूप में कार्य करता था तथा प्रतिमाह लगभग ₹60,000 से ₹70,000 तक आय अर्जित करता था। हालांकि, कुछ समय पहले उसने विभिन्न ऑनलाइन लोन एप्स (Online Loan Apps) से भारी कर्ज ले लिया. बढ़ते ब्याज और वित्तीय संकट से उबरने के लिए उसने सूने मकानों में चोरी करना शुरू कर दिया।
मॉडस ऑपरेंडी: चोरी का सोना फाइनेंस कंपनियों में रखा गिरवी : Durg Police Action
चूंकि अनुराग मिश्रा पूर्व में MR था, इसलिए विभिन्न कॉलोनियों और रहवासी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की उसे अच्छी समझ थी. वह दिन में सूने मकानों की रेकी करता था और रात को सब्बल-पेचकस की मदद से ताला तोड़कर साफ-सफाई कर देता था।

इसके बाद, शातिर आरोपी चोरी के सोने को मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल (IIFL) और बजाज गोल्ड फाइनेंस जैसी नामी कंपनियों में गिरवी रखकर लोन ले लेता था।
चोरी किए गए सोने के आभूषणों को आरोपी विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उसके एवज में ऋण प्राप्त करता था… मुथूट फाइनेंस (पावर हाउस), आईआईएफएल फाइनेंस (पावर हाउस), बजाज गोल्ड फाइनेंस (पावर हाउस) तथा मुथूट फाइनेंस (कुम्हारी)।इतना ही नहीं, पकड़े जाने के संदेह से बचने के लिए वह लोन से मिली रकम को अपने साथी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था. पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत इन फाइनेंस कंपनियों से गिरवी रखा सोना बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
अनुराग मिश्रा (उम्र 41 वर्ष) – निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल (मुख्य आरोपी)
तुषार मिश्रा (उम्र 40 वर्ष) – निवासी कैलाश नगर, भिलाई (खाते में पैसे मंगाने वाला साथी)



