रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 11 जुलाई। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के वनांचल में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर सामने (CG Solar Project) आई है। वर्षों से कमजोर बिजली व्यवस्था और जर्जर सोलर संयंत्रों के कारण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर ग्रामीणों की समस्या के समाधान की दिशा में अब बड़ी पहल शुरू हो गई है। लंबे समय से उठ रही मांग के बाद पुराने सोलर संयंत्रों के सुधार का काम शुरू होने जा रहा है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि खराब सोलर सिस्टम के कारण रात में कुछ घंटों तक ही बिजली मिलती थी। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों की सुरक्षा और दैनिक जीवन पर पड़ रहा था। अब नए उपकरण लगने से हालात बदलने की उम्मीद है।
पहले चरण में 40 सौर संयंत्रों का होगा सुधार CG Solar Project
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण यानी CREDA ने पहले चरण में 14 ग्राम पंचायतों के 40 सौर संयंत्रों के रखरखाव और मरम्मत कार्य को मंजूरी दे दी है। इन संयंत्रों में पुराने सोलर पैनल, बैटरी बैंक, इन्वर्टर और कंट्रोल रूम की मरम्मत तथा जरूरत के अनुसार बदलाव किए जाएंगे। जिला स्तर पर इसके लिए काम भी शुरू कर दिया गया है।

15 से 20 साल पुराने हो चुके हैं संयंत्र CG Solar Project
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अधिकांश सोलर पावर प्लांट करीब 15 से 20 वर्ष पुराने हो चुके हैं। समय के साथ इनकी बिजली उत्पादन क्षमता काफी कम हो गई थी। पुरानी बैटरियों और खराब उपकरणों के कारण ग्रामीणों को रात में सीमित समय तक ही बिजली मिल पा रही थी, जिससे अधिकांश समय गांव अंधेरे में डूबे रहते थे।
आंदोलन और मांग के बाद मिली मंजूरी
राजापड़ाव क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से बिजली, सड़क, पुल पुलिया, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। कुछ महीने पहले ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 130 पर करीब 14 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर अपनी समस्या से अवगत कराया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद CREDA ने सोलर संयंत्रों के सुधार की प्रक्रिया शुरू की।
इन गांवों में होगा काम CG Solar Project
पहले चरण में साहेबिनकछार, नागेश, करलाझर, कोदोमाली, गौरगांव, लाटापारा, झोलाराव, गरहाडीह, बोरईडीह, मोंगराडीह, कुचेंगा, भाटापानी, गरिबा, गाजीमुडा, बरगांव, डूमरपड़ाव, जागड़ा, कोकड़ी, नगबेल, छिन्दभरी, तौरंगा, जुगाड़, बुडगेलटप्पा, डुमरघाट, रक्षापथरा, आमामोरा, ओड़, कमारभौंदी सहित अन्य गांवों के पुराने सोलर संयंत्रों का सुधार किया जाएगा। शेष गांवों के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद वहां भी कार्य शुरू किया जाएगा।

ग्रामीणों और विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
CREDA के अनुसार पुराने उपकरण बदलने के बाद सोलर संयंत्रों की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे ग्रामीणों को रात में अधिक समय तक बिजली उपलब्ध होगी। नई व्यवस्था से बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त रोशनी मिलेगी, वहीं ग्रामीणों को भी रात के समय बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और लंबे समय से चली आ रही अंधेरे की समस्या से राहत मिलेगी।



