रिपोर्टर : आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 11 जुलाई। रोजगार की उम्मीद लेकर आईटीआई पहुंचने वाले वनांचल (ITI Devbhog) के युवाओं में अब निराशा बढ़ने लगी है। देवभोग स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नियमित शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र, पालक और ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी शिक्षा का केंद्र होने के बावजूद यहां बुनियादी व्यवस्था तक पूरी नहीं है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से लगातार मांग के बावजूद हालात नहीं बदले हैं। सबसे अधिक विद्यार्थियों वाले पाठ्यक्रम में भी नियमित शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई और भविष्य दोनों पर संकट गहराता जा रहा है।
तीन ट्रेड, छह यूनिट लेकिन नियमित शिक्षक नहीं ITI Devbhog
शासकीय आईटीआई देवभोग में तीन ट्रेड और छह यूनिट स्वीकृत हैं, लेकिन पूरे संस्थान में एक भी नियमित प्रशिक्षण अधिकारी पदस्थ नहीं है। संस्था का संचालन अतिथि शिक्षकों और एक संविदा प्रशिक्षण अधिकारी के भरोसे किया जा रहा है। इसका सबसे अधिक असर कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट यानी सीओपीए ट्रेड पर पड़ रहा है, जहां सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
नियमित कक्षाएं और प्रैक्टिकल हो रहे प्रभावित
छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण कई बार नियमित कक्षाएं (ITI Devbhog) नहीं लगतीं। प्रायोगिक प्रशिक्षण भी समय पर नहीं हो पाता, जिससे परीक्षा की तैयारी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि डिजिटल युग में सबसे अधिक रोजगार देने वाले पाठ्यक्रमों में शामिल सीओपीए ट्रेड में ही नियमित शिक्षक नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
पढ़ाई छूटी तो बीच में छोड़ रहे छात्र ITI Devbhog
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कई विद्यार्थी रोजगार की उम्मीद लेकर आईटीआई में दाखिला लेते हैं, लेकिन पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिलने से उनका पढ़ाई से भरोसा उठने लगता है। लगातार अनुपस्थिति के चलते कई छात्रों का नाम भी संस्था से काट दिया जाता है। इससे उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो जाता है और तकनीकी शिक्षा का सपना अधूरा रह जाता है।
80 किलोमीटर दूर से चल रहा संस्थान
देवभोग आईटीआई में अब तक नियमित प्राचार्य की नियुक्ति भी नहीं हो सकी है। वर्तमान में करीब 80 किलोमीटर दूर से प्रभारी प्राचार्य संस्था का संचालन कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी नहीं होने से विद्यार्थियों की समस्याओं का समय पर समाधान भी नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार से की ये मांग ITI Devbhog
ग्रामीणों, पालकों और छात्र संगठनों ने सरकार से आईटीआई में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति, सभी स्वीकृत पदों पर प्रशिक्षण अधिकारियों की पदस्थापना और विशेष रूप से सीओपीए ट्रेड में तत्काल नियमित शिक्षक नियुक्त करने की मांग की है। इसके अलावा जिन छात्रों की पढ़ाई व्यवस्था की कमी के कारण प्रभावित हुई है, उनके मामलों की जांच कर उचित राहत देने की भी मांग उठाई गई है।
आंदोलन की दी चेतावनी
ग्रामीणों और छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं और व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तकनीकी शिक्षा संस्थानों में ही प्रशिक्षकों की कमी बनी रही तो युवाओं को कौशल आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य अधूरा रह जाएगा।



