सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा स्थित (Balod ITI Accident News) शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रशिक्षण के नाम पर छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक छात्र के दोनों हाथों की कुल 5 उंगलियां कटने के बाद छात्रों का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। इस भीषण हादसे के विरोध में शुक्रवार को आक्रोशित छात्रों ने बालोद–डौंडीलोहारा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। तपती धूप और 40 डिग्री तापमान के बीच सड़क पर बैठे छात्रों ने संस्थान प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।
ट्रेनिंग या टॉर्चर? मिक्सर मशीन ने छीनी उंगलियां
दिल दहला देने वाली यह घटना 23 अप्रैल की है। आरोप है कि फिटर ट्रेड के छात्र टोकेश्वर धनगुन से नियमों के विरुद्ध जाकर संस्थान में मिक्सर मशीन चलवाई जा रही थी। प्रशिक्षण देने के बजाय छात्रों से जोखिम भरा मजदूरी का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान छात्र का हाथ मशीन की चपेट में आ गया, जिससे एक हाथ की 2 और दूसरे हाथ की 3 उंगलियां कटकर अलग हो गईं। इस दर्दनाक हादसे (Balod ITI Accident News) ने आईटीआई डौंडीलोहारा की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मामले में मोर्चा खोलते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का आरोप है कि फिटर ट्रेड के शिक्षक छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं और अनुशासन के नाम पर उन्हें प्रताड़ित कर जोखिम भरे कामों में धकेल दिया जाता है।
सड़क पर संग्राम, प्रशासन के हाथ-पांव फूले
हादसे की खबर (Balod ITI Accident News) फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र मुख्य मार्ग पर जमा हो गए, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम शिवनाथ बघेल और पुलिस बल को छात्रों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्र इस बात पर अड़े थे कि जब तक दोषी प्रशिक्षक और प्रबंधन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगे। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद एसडीएम द्वारा निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे के लिखित आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
छात्रों की दो टूक: अब बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
छात्रों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं। इस पूरे मामले (Balod ITI Accident News) की उच्च स्तरीय जांच के साथ-साथ दोषी प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही घायल छात्र को बेहतर इलाज और भविष्य के लिए पर्याप्त मुआवजा देने की बात कही गई है। छात्रों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन ने कभी सबक नहीं लिया।


