सीजी भास्कर, 14 जुलाई : छत्तीसगढ़ में ग्रामीण भूमि प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजस्व विभाग ने 96.37 प्रतिशत राजस्व ग्रामों का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है। प्रदेश के कुल 20 हजार 551 राजस्व ग्रामों में से 19 हजार 805 ग्रामों का विस्तृत सर्वे सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब केवल 746 गांव (3.63 प्रतिशत) ही सर्वेक्षण से शेष हैं, जहां कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
राजस्व विभाग के अनुसार राजस्व ग्राम सर्वेक्षण (CG Revenue Survey) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि और मकानों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर नागरिकों को कानूनी स्वामित्व सुनिश्चित करना है। इससे भूमि विवादों में कमी आएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच सकेगा।
371 गांवों में सर्वे जारी, 375 में होना बाकी
विभाग के मुताबिक शेष बचे 746 गांवों में से 371 गांवों में सर्वेक्षण कार्य जारी है, जबकि 375 गांवों में भौगोलिक और प्रशासनिक कारणों से सर्वे शुरू होना बाकी है। विभाग आधुनिक तकनीकों और विशेष रणनीति के जरिए इन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रहा है।
कई जिलों ने हासिल किया 100% लक्ष्य
राजस्व ग्राम सर्वेक्षण (CG Revenue Survey) के तहत रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर जैसे जिलों में सर्वेक्षण कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इन जिलों ने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
बस्तर संभाग में चुनौती, फिर भी तेजी से बढ़ रहा काम
बस्तर संभाग के दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सर्वेक्षण कार्य अपेक्षाकृत धीमा है। नारायणपुर में 240, सुकमा में 111 और बीजापुर में 95 गांव अभी असर्वेक्षित हैं। हालांकि विभाग इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और विशेष अभियान के जरिए कार्य को तेजी से पूरा करने में जुटा है।
किसानों और ग्रामीणों को होगा बड़ा फायदा
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को भूमि संबंधी अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होंगे। इससे जमीन विवादों में कमी आएगी, किसानों को बैंक ऋण, फसल बीमा और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। साथ ही राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी। राजस्व विभाग का कहना है कि शेष बचे गांवों में भी जल्द सर्वेक्षण शुरू कर आगामी महीनों में छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत डिजिटल और त्रुटिहीन राजस्व रिकॉर्ड वाला राज्य बनाने का लक्ष्य है।



