सीजी भास्कर, 14 जुलाई : नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ के दूरस्थ और दुर्गम गांवों में अब स्वच्छ पेयजल लोगों की पहुंच में है। क्रेडा (CREDA) की पहल के तहत सौर ऊर्जा आधारित सोलर ड्यूल पंप (Solar Dual Pump) लगाए जा रहे हैं, जिससे वर्षों से जल संकट झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इस पहल से न केवल लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल रहा है, बल्कि महिलाओं और बच्चों की रोजाना की कठिनाई भी काफी कम हुई है।
नारायणपुर (Narayanpur News) के नेलॉगुर, पदमकोट, जाटलूर, उसेबेड़ा, हरबेल, कस्तुरमेंटा-2, धुरबेड़ा और गुमरका सहित कई दूरस्थ गांवों में सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। पहले इन गांवों के लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और कई जगह झिरिया का दूषित पानी पीना उनकी मजबूरी थी, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था।
371 गांवों में चल रहा अभियान
क्रेडा के अनुसार जिले के 371 गांवों और पाराटोलों में सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए 1,064 सोलर ड्यूल पंप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 849 पंपों की स्थापना पूरी हो चुकी है, जबकि शेष स्थानों पर तेजी से कार्य जारी है।
महिलाओं और बच्चों को मिली राहत
सोलर ड्यूल पंप लगने के बाद महिलाओं और बच्चों को अब कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इससे उनका समय और श्रम दोनों बच रहे हैं। बच्चे अब पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं, जबकि महिलाओं को घरेलू और आजीविका संबंधी कार्यों के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है।
पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था
सौर ऊर्जा आधारित यह प्रणाली बिजली पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में बिना बिजली के भी नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोलर ड्यूल पंप लगने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब गांव में ही आसानी से साफ पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे परिवारों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है।



