रिपोर्टर : आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 16 जुलाई। गरियाबंद जिले के प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों को अधिक आकर्षक और सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां (Gariaband Tourism) तेज कर दी हैं। मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पर्यटन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि जिले के जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन स्थल प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। ऐसे में इन स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ सुरक्षा इंतजाम मजबूत करना जरूरी है।

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पर्यटन स्थलों पर विकसित होंगी जरूरी सुविधाएं
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जतमई, घटारानी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और संकेतक बोर्ड जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए इन सुविधाओं का समय पर विस्तार किया जाए।
नए पर्यटन स्थलों के विकास पर रहेगा फोकस Gariaband Tourism
कलेक्टर ने कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र सहित देवधारा, बोतलधारा, चिंगरापगार, कोयबा रिसॉर्ट, चौकसिल देवस्थल, सनराइज प्वाइंट, गोड़ेना जलप्रपात, ओड़ क्षेत्र के कारीपगार जलप्रपात, बनियाधस और बुढ़ाराजा जलप्रपात जैसे स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों पर चर्चा
बैठक में पहाड़ी ट्रैकिंग, कैंपिंग, मड हाउस और ट्री हाउस जैसी प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। साथ ही पर्यटन विभाग के नियमों के अनुसार जिले के सभी होटल और आवासीय प्रतिष्ठानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी प्राप्त कर सकें।
पर्यटकों की सुरक्षा रहेगी पहली प्राथमिकता Gariaband Tourism
कलेक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान जलप्रपातों और नदी नालों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने, आवश्यकता अनुसार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और लगातार जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में फ्लाइंग स्क्विरल्स और हॉर्नबिल सफारी जैसी विशेष प्राकृतिक पर्यटन गतिविधियां संचालित हैं, जिन्हें भविष्य में और बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा।
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