सीजी भास्कर, 13 अगस्त : दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम खेती के मामले (Opium Case) में जेल में निरुद्ध भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और एक अन्य आरोपित छोटू राम विश्नोई को न्यायालय से राहत नहीं मिली। दोनों की ओर से पेश किए गए जमानत आवेदन को सुनवाई के बाद न्यायालय ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने जब्त मादक पदार्थ की मात्रा को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं माना।
बचाव पक्ष ने खुद को बताया निर्दोष
जमानत आवेदन में आरोपितों की ओर से खुद को निर्दोष बताते हुए मामले में झूठा फंसाए जाने का दावा किया गया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिस खेत में अफीम की अवैध खेती (Opium Case) किए जाने की बात सामने आई है, वह आरोपितों के नाम पर नहीं है। न ही उक्त खेत को कृषि कार्य के लिए रेग पर लेने से संबंधित कोई दस्तावेज उनके पास है।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपितों के कब्जे से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। आवेदन में विनायक ताम्रकार को प्रतिष्ठित राजनीतिक व्यक्ति बताते हुए कहा गया कि वह दुर्ग जिला किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद पर कार्यरत रहे हैं।
पूर्व रंजिश का लगाया आरोप
जमानत आवेदन में ग्राम समोदा के सरपंच के साथ विनायक ताम्रकार और उनके परिवार की कथित पूर्व रंजिश का भी हवाला दिया गया। बचाव पक्ष का आरोप था कि इसी रंजिश के चलते सरपंच ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर षड्यंत्र किया और पुलिस से सांठगांठ कर विनायक ताम्रकार को मामले में फंसा दिया।
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अभियोजन ने जमानत का किया विरोध
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सूरज सिंह ने जमानत आवेदन का विरोध किया। उन्होंने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आरोपितों ने विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर समेत अन्य आरोपितों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत अफीम की खेती (Opium Case) की थी। अभियोजन ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही।
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62,424.4 किलोग्राम अफीम बरामद होने का दावा
विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि प्रकरण में कुल 62,424.4 किलोग्राम अफीम बरामद की गई है। अभियोजन ने जब्त मादक पदार्थ की मात्रा को गंभीर मानते हुए आरोपितों को जमानत नहीं देने की मांग की।
अभियोजन ने यह आशंका भी जताई कि जमानत का लाभ मिलने पर आरोपित मामले से जुड़े गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
6 मार्च को सामने आया था मामला
पुलिस ने 6 मार्च 2026 को ग्राम समोदा में अफीम की अवैध खेती के मामले (Opium Case) का खुलासा किया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अब जमानत आवेदन खारिज होने के बाद विनायक ताम्रकार और छोटू राम विश्नोई को जेल में ही रहना होगा। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
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