सीजी भास्कर, 16 अगस्त : मध्य प्रदेश में 10 तेंदुओं की खाल बरामद होने के बाद वन्यजीव तस्करी के कथित नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। तेंदुओं की खाल बरामदगी (Leopard Skin Seizure) के इस मामले में वन्यजीव संरक्षण संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मामले में डिजिटल साक्ष्यों और अन्य बरामदगी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
यह भी पढ़ें : Cancer Institute Raipur : रामकृष्ण केयर में कैंसर इंस्टीट्यूट शुरू, मरीजों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
हाईवे पर 10 तेंदुओं की खाल के साथ पकड़े गए चार संदिग्ध
ग्वालियर-आगरा हाईवे पर 23 जुलाई को चार संदिग्धों को 10 तेंदुओं की खाल के साथ पकड़ा गया था। मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने इसकी अलग से जांच शुरू की।
जांच में सामने आए दावों के अनुसार, दो प्रमुख संदिग्ध वन्यजीव व्यापारी भगवान सिंह उर्फ सलीम और उसका सहयोगी वसीम कथित तौर पर एक वन्यजीव संरक्षण संगठन से जुड़े हुए थे। अधिकारियों का दावा है कि भगवान सिंह पिछले कई वर्षों से संगठन के पेरोल पर था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह भी पढ़ें : Devdutt Padikkal : गॉल में गरजा देवदत्त का बल्ला, 167 रन बनाकर रचा इतिहास
डिजिटल साक्ष्य और ट्रैप को लेकर जांच
जांच अधिकारियों के अनुसार मामले में कुछ डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनके आधार पर कथित तौर पर वन्यजीवों की बरामदगी को पहले से तैयार किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि NGO से जुड़े एक वाहन के जरिए शिवपुरी और मुरैना के जंगलों में कथित शिकारियों तक लेग-होल्ड ट्रैप पहुंचाए जाने की जांच चल रही है।
यह भी पढ़ें : E20 Protest : 17 अगस्त को रायपुर में AAP का टाउनहाल, जनता से सीधा संवाद
जंगलों में मिले तेंदुओं के अवशेष
जांच के दौरान शिवपुरी और मुरैना के जंगलों में तेंदुओं के अवशेष दबे होने के स्थान मिलने की बात भी सामने आई है। इन अवशेषों को डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा हरियाणा से लाए गए तीन लेग-होल्ड ट्रैप भी बरामद किए जाने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी अब इन बरामदगियों और कथित नेटवर्क के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।
यह भी पढ़ें : Mahasamund Job Fair : 10वीं-12वीं पास को बड़ा मौका, 117 पदों पर सीधी भर्ती
Wildlife SOS के CEO को नोटिस, 17 अगस्त को पूछताछ
मध्य प्रदेश STSF ने Wildlife SOS के CEO कार्तिक सत्यनारायण को नोटिस जारी किया है। उन्हें 17 अगस्त को शिवपुरी में जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ का उद्देश्य वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाना है।
यह भी पढ़ें : Rajinikanth Completed 51 Years in Cinema : सुपरस्टार रजनीकांत के फिल्मी दुनिया में 51 साल पूरे, ‘धर्मन’ के सेट पर काटा केक
NGO और सरकार के समझौतों की भी होगी समीक्षा
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक समीता राजौरा के अनुसार जंगलों को सुरक्षित रखने और संभावित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
जांच के दौरान NGO और राज्य सरकार के बीच हुए समझौतों की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल तेंदुओं की खाल बरामदगी (Leopard Skin Seizure) के मामले में STSF की जांच जारी है। NGO से जुड़े आरोपों और कथित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें : Balodabazar Police : स्वतंत्रता दिवस पर बलौदाबाजार पुलिस के 11 जांबाज सम्मानित, मंच से मिला सम्मान तो बढ़ा पूरे विभाग का मान




