सीजी भास्कर, 17 अगस्त। नेशनल हाईवे पर सड़क हादसों में घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए नई इमरजेंसी गाइडलाइन लागू की गई है। इसके तहत हादसे की सूचना मिलने के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद एंबुलेंस को 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा। तय समय में एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर संबंधित एजेंसी पर प्रति घटना 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। (Highway Ambulance Emergency Guidelines)
नई व्यवस्था के तहत 1033 कंट्रोल रूम पर हादसे की सूचना मिलते ही इमरजेंसी टिकट को एक मिनट के भीतर स्वीकार करना होगा। इसके बाद अगले दो मिनट में एंबुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना होना अनिवार्य होगा। इन दोनों चरणों में देरी होने पर 5 हजार रुपए प्रति मिनट की दर से जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, इमरजेंसी टिकट को रिजेक्ट करने पर सीधे 10 हजार रुपए की पेनाल्टी तय की गई है।
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हर 50 किलोमीटर पर एंबुलेंस की तैनाती :Ambulance Emergency Guidelines
हादसे के बाद त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए हर 50 किलोमीटर के अंतराल पर एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में कुल 3,620 किलोमीटर नेशनल हाईवे है, जिसमें 588 किलोमीटर हिस्सा इस व्यवस्था के दायरे में आएगा। रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर फिलहाल 8 एंबुलेंस सक्रिय कर दी गई हैं।
हादसा यदि एंबुलेंस की तैनाती वाली जगह से 10 किलोमीटर के दायरे में होता है तो सूचना मिलने के 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचना जरूरी होगा। 10 किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर घटनास्थल तक पहुंचने का समय दूरी के हिसाब से निर्धारित किया जाएगा।
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देरी पर एजेंसी के खिलाफ होगी कार्रवाई
नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए केयर/इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। इसके जरिए हादसे की सूचना मिलने से लेकर एंबुलेंस के घटनास्थल पर पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक टोल प्लाजा पर एंबुलेंस की सुविधा (Highway Ambulance Emergency Guidelines) पहले से उपलब्ध है, लेकिन अब हादसे के बाद तय समय सीमा में एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य सड़क हादसों में घायलों को गोल्डन आवर के दौरान जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
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