सीजी भास्कर, 17 अगस्त : साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (Railway Bribery Case) भिलाई के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (DME) और एक बिचौलिए को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। CBI ने दोनों को 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था। आज दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले अदालत ने उन्हें 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था।
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50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा
CBI ने 13 अगस्त को ट्रैप कार्रवाई की थी। इस दौरान सीनियर DME को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया। आरोप है कि अधिकारी ने लंबित बिलों को क्लियर करने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद 1 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद तय रकम की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपए दिए जा रहे थे। इसी दौरान CBI ने ट्रैप कार्रवाई कर अधिकारी को पकड़ लिया।
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अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने ली रकम
CBI के अनुसार, रिश्वत (Railway Bribery Case) की रकम अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने शिकायतकर्ता से ली थी। ट्रैप कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी ने अधिकारी और बिचौलिए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में CBI अब रिश्वत की पूरी रकम और अधिकारी तथा बिचौलिए के बीच कथित लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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रायपुर-भिलाई में छापे, 77 लाख रुपए कैश बरामद
गिरफ्तारी (Railway Bribery Case) के बाद CBI ने आरोपी अधिकारी के रायपुर और भिलाई स्थित घर और कार्यालय में तलाशी ली। तलाशी के दौरान करीब 77 लाख रुपए नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा करीब 14 लाख रुपए कीमत के जेवर भी बरामद किए गए। CBI अब बरामद नकदी और जेवर के स्रोत की भी जांच कर रही है।
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आज कोर्ट में होगी पेशी
दोनों आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी होगी। CBI आगे की जांच के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। जांच एजेंसी रिश्वतखोरी के मामले से जुड़े अन्य लेन-देन और बरामद संपत्ति के स्रोत की पड़ताल कर रही है। फिलहाल मामले में कोर्ट की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच पूरी होने के बाद ही रिश्वतखोरी और बरामद रकम से जुड़े पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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