सीजी भास्कर, 23 अगस्त : दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती 2 साल 11 महीने की बच्ची की जांच रिपोर्ट में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई है। बच्ची का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
यह भी पढ़ें : Vijay Sharma : भूपेश बघेल के बयान पर डिप्टी CM का पलटवार, बोले- जनता को भ्रमित कर रहे
तेज बुखार के बाद कराया गया H1N1 टेस्ट
जानकारी के मुताबिक, बच्ची को तेज बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने H1N1 की जांच कराई। RT-PCR रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई।
यह भी पढ़ें : Kondagaon Accident : मंत्री के काफिले की गाड़ी से भिड़ी स्कॉर्पियो, 4 जवान घायल
घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्ची के घर पहुंची और आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी। टीम ने परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल भी लिए हैं। साथ ही बच्ची के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि संक्रमण के संभावित फैलाव का समय रहते पता लगाया जा सके।
यह भी पढ़ें : NGT Verdict : बिलासपुर निगम के पक्ष में बड़ा फैसला, Envirocare की याचिका खारिज
H1N1 में दिख सकते हैं ये लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, छोटे बच्चों में फ्लू का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। स्वाइन फ्लू (H1N1) में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और नाक बहने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
यह भी पढ़ें : Police Meeting : IG रामगोपाल गर्ग ने ली बैठक, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग पर दिए सख्त निर्देश
लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। खासकर छोटे बच्चों में तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
दुर्ग में सामने आए मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग संपर्क में आए लोगों की निगरानी और संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। H1N1 संक्रमण (H1N1 Infection) को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
यह भी पढ़ें : Bilaspur News : सिस्टम की लापरवाही ने ली तीन मासूमों की जान, एनीकट पार करते समय नदी में बहे




