सीजी भास्कर, 25 अगस्त : रक्षाबंधन से पहले रायपुर में भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा का अनूठा संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों को राखी बांधी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ भी किया।
- शहीद की पत्नी ने सीएम को बांधी राखी
- नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा का संदेश
- 800 जवानों की कलाइयों पर सजी राखी
- बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : सीएम
- 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये
- रायपुर जिले को मिले 5 अभिनव प्रोजेक्ट
- तिरंगा शक्ति फेस्ट और रायपुर अनफिल्टर्ड
- प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः से सौंरा समुदाय को योजनाओं से जोड़ने की पहल
शहीद की पत्नी ने सीएम को बांधी राखी
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब 2017 में रक्षाबंधन से एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस दौरान भावुक नजर आए। उन्होंने शहीद जवान के बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राखी का धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं है, बल्कि शहीद परिवारों के विश्वास और अपनत्व का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों और उनके परिवारों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
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नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस दिखाया है और कई जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का बड़ा उपहार है।
उन्होंने कहा कि अब वह समय आ रहा है, जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा और किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा। बस्तर में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसरों के विस्तार का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पहचान अब हिंसा के बजाय शांति, विकास और जनजातीय संस्कृति से होगी।
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800 जवानों की कलाइयों पर सजी राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के करीब 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने जवानों को राखी बांधी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करने वाले जवानों को बहनों द्वारा राखी बांधना रक्षाबंधन के व्यापक भाव को सामने लाता है। इस अवसर पर जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया।
बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।
राज्य में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। वहीं 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास में भी नेतृत्व कर रही हैं।
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68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के तहत रक्षाबंधन से पहले करीब 68 लाख पात्र महिलाओं के खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें और त्योहारों को सम्मान के साथ मना सकें।
रायपुर जिले को मिले 5 अभिनव प्रोजेक्ट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के पांच प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया। इनमें ‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ शामिल हैं।
हरित पोषणम्: आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे और सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास होगा।
प्रोजेक्ट निरामय: रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य और रक्त जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को निशुल्क उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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तिरंगा शक्ति फेस्ट और रायपुर अनफिल्टर्ड
तिरंगा शक्ति फेस्ट के तहत रायपुर में हर महीने सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।
रायपुर अनफिल्टर्ड के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के जरिए सामने लाया जाएगा।
प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः से सौंरा समुदाय को योजनाओं से जोड़ने की पहल
प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः के तहत जिले के सौंरा यानी सपेरा समुदाय के परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज और योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों के अधिकारियों-जवानों, स्कूली विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।




