सीजी भास्कर, 25 अगस्त : छत्तीसगढ़ में टीईटी अनिवार्यता (TET Requirement) को लेकर सेवारत शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन माकड़ी के बैनर तले शनिवार को शिक्षकों ने आंदोलन किया। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शामिल होकर शासन से सेवा सुरक्षा और वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
सेवा सुरक्षा और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र कुमार नेताम ने किया। शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के मामले में सेवा सुरक्षा देने, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और पूर्व सेवा की गणना कर सभी संबंधित लाभ देने की मांग उठाई।
शिक्षकों ने ‘मोदी की गारंटी’ को लागू करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में टीईटी अनिवार्यता (TET Requirement) के कारण उनकी सेवा पर किसी तरह का संकट नहीं आना चाहिए।
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मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम तहसीलदार माकड़ी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी माकड़ी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने शासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही पूर्व सेवा की गणना सहित सभी वाजिब लाभ दिए जाने की मांग की गई।
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बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने लिया हिस्सा
आंदोलन को सफल बनाने में हितेंद्र पांडे, हेमदेव सोम, शत्रुघ्न सिंह भंडारी, रमेश कुंडू, शिव कुमार शर्मा, बालसिंह मरकाम, भुनेश्वर पम्मार, सालिक नाग, कमलेश साहू, चमरू पोयम, अर्जुन मरकाम और ध्रुपत भारती सहित कई पदाधिकारियों की भूमिका रही। महिला शिक्षकों में सुलोचना ध्रुव, इंदिरा साहू, ममता चौहान, कौशिल्या बघेल, मंजू वर्मा, रुखो साहू और हरियाली मरकाम समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुईं।
शासन से जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति और पूर्व सेवा के लाभ से जुड़े मुद्दों का समाधान होने से लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षक साथियों को राहत मिलेगी। अब शिक्षक संगठन को शासन की ओर से सकारात्मक पहल का इंतजार है।




