सीजी भास्कर, 6 सितंबर : कॉलेजों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सत्र 2026-27 से नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब किसी छात्र की हाजिरी 75 प्रतिशत से कम होने पर उसके अभिभावकों को फोन या संदेश के जरिए सूचना दी जाएगी। यह उपस्थिति नियम (75 Percent Attendance) विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं से जोड़ने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।
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75% से कम हाजिरी पर अभिभावकों को अलर्ट
कॉलेजों में अब छात्र की उपस्थिति केवल हाजिरी रजिस्टर तक सीमित नहीं रहेगी। सत्र 2026-27 से 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर अभिभावकों को फोन या मैसेज के जरिए जानकारी दी जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक कैलेंडर के साथ यह व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में लाना और पढ़ाई के प्रति उनकी गंभीरता बढ़ाना है।
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अब घर से भी रखी जा सकेगी नजर
अब तक कई विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद नियमित कक्षाओं से दूरी बनाए रखते थे। परीक्षा के समय ही पढ़ाई पर ध्यान देने वाले छात्रों की संख्या भी देखी जाती रही है।
नई व्यवस्था में कम उपस्थिति की जानकारी सीधे अभिभावकों तक पहुंचेगी। इससे घर से भी विद्यार्थी की कॉलेज उपस्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।
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पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक स्तर पर कौशल विकास, शोध और व्यावहारिक ज्ञान को पाठ्यक्रम में अधिक महत्व दिया जा रहा है।
आंतरिक परीक्षाओं, प्रायोगिक कार्य और अंतिम परीक्षाओं का आयोजन भी नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार किया जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए नियमित कक्षाओं में शामिल होना महत्वपूर्ण होगा।
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प्रतियोगी परीक्षा और नौकरी करने वालों के लिए चुनौती
नियमित कक्षाएं संचालित होने पर 75 प्रतिशत उपस्थिति हासिल करना मुश्किल नहीं होगा। हालांकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और नौकरी के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए कॉलेज और अन्य जिम्मेदारियों के बीच तालमेल चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
वहीं कई विद्यार्थी कॉलेज पहुंचने के बावजूद कक्षाओं में नियमित उपस्थित नहीं होते। ऐसे छात्रों की कम हाजिरी पर अब अभिभावकों को भी जानकारी मिलेगी।
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कॉलेजों की भी बढ़ेगी जवाबदेही
कम हाजिरी पर अलर्ट की व्यवस्था के साथ कॉलेजों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। विद्यार्थियों को नियमित कक्षा में लाने के लिए शिक्षकों की समय पर मौजूदगी और कक्षाओं का नियमित संचालन जरूरी होगा।
पढ़ाई को रोजगार और व्यावहारिक जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाने पर भी जोर देना होगा।
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शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार चल रही पढ़ाई
क्षेत्रीय अपर संचालक डॉ. अनुपमा अस्थाना के अनुसार, सभी कॉलेजों में पढ़ाई शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार जारी है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से सभी कक्षाओं में उपस्थित होना चाहिए।
शासन स्तर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। नई व्यवस्था के तहत उपस्थिति नियम (75 Percent Attendance) पर कॉलेजों और विद्यार्थियों दोनों को विशेष ध्यान देना होगा।




