पुलिस ने साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी 2 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। जांच में इन खातों के जरिए लाखों रुपए की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
कमीशन के बदले बैंकिंग साधन उपलब्ध कराए
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि साइबर ठगी की रकम कुछ बैंक खातों में जमा होने के बाद उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था। आरोपियों ने कमीशन के बदले अपने या अन्य लोगों के बैंक खाते एजेंटों और दूसरे व्यक्तियों के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे। बैंक लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आरोपियों की पहचान की गई।
तीन थाना क्षेत्रों में कार्रवाई
8 सितंबर को सुपेला थाना क्षेत्र से 3, भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र से 1 और भिलाई नगर थाना क्षेत्र से 2 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बैंक खातों के साथ एटीएम, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम मंगाकर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में मोहन राम (50), निवासी घासीदास नगर जामुल, गजेन्द्र कुमार साहू (23), निवासी हिन्द नगर रिसाली, भीष्म लाल भारती (27), निवासी सांकरा कुम्हारी, ओम प्रकाश यादव (28), निवासी चिखली, देवरतन टंडन (39), निवासी शहीद वीर नारायण नगर खुर्सीपार और लोकनाथ वर्मा (29), निवासी सुपेला शामिल हैं।
बैंक दस्तावेज और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। बैंकिंग लेनदेन से जुड़े अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन की जांच कर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।



