सीजी भास्कर, 9 सितंबर : छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 247 बारिश मापने वाले केंद्रों में से 228 केंद्रों पर कोई बारिश दर्ज नहीं हुई। अब नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से 10 सितंबर से मानसून की बारिश (Chhattisgarh Monsoon Rain) में फिर तेजी आने की संभावना जताई गई है।
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सरगुजा में आज से बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को सरगुजा संभाग में बारिश (Chhattisgarh Monsoon Rain) की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। संभाग के कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को रायपुर और बस्तर संभाग में भी कई जगह बारिश होने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया है। हालांकि, इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर बना हुआ है। मानसून द्रोणिका फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, बस्ती, डेहरी और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
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बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र (Chhattisgarh Monsoon Rain) बनने की संभावना है। यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में विकसित हो सकता है। इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के आसपास बनने की संभावना जताई गई है। नए सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल सक्रिय होने और वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
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92 फीसदी केंद्र सूखे
पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 92.31 प्रतिशत बारिश केंद्रों पर कोई बारिश दर्ज नहीं हुई। केवल 10 केंद्रों पर 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश वाले केंद्र को रेनी डे की श्रेणी में रखा जाता है।
धरमजयगढ़ में 12.1 मिलीमीटर, कटघोरा में 7.5 मिलीमीटर, अजगरबहार में 7 मिलीमीटर, रामानुजगंज में 5.2 मिलीमीटर, छिंदगढ़ में 4 मिलीमीटर और पाली में 3.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सुकमा, तिल्दा, गंडई और देवकर में भी 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा दर्ज हुई।
सितंबर में 9-12 रेनी डे
मौसम विभाग के अनुसार किसी बारिश केंद्र पर 2.5 मिलीमीटर या अधिक वर्षा (Chhattisgarh Monsoon Rain) होने पर उसे रेनी डे माना जाता है। सितंबर में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में औसतन 9 से 12 रेनी डे होते हैं। इस दौरान सामान्य तौर पर दो से तीन मौसमी सिस्टम बारिश कराते हैं।
ऐसे में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम और मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ने की उम्मीद है। खासकर 10 सितंबर से सरगुजा और इसके बाद 11-12 सितंबर को रायपुर व बस्तर संभाग में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
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