सीजी भास्कर, 9 सितंबर : छत्तीसगढ़ में मानसून (Chhattisgarh Mausam) की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। सोमवार को भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
यह भी पढ़ें…High Court Sharia Court Verdict : धार्मिक संस्था दे सकती है राय, कानूनी फैसला नहीं: हाईकोर्ट
दो दिन बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में ही बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अभी बारिश की गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में इसके बढ़ने के संकेत हैं।
छत्तीसगढ़ के मौसम (Chhattisgarh Mausam) पर इन मौसम प्रणालियों का असर खासतौर पर उत्तर और मध्य हिस्सों में दिखाई दे सकता है। सोमवार को कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ने के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं बाद के दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।
यह भी पढ़ें…Chhattisgarh IAS Promotion : तीन अफसरों को मिल सकता है IAS अवार्ड, दिल्ली में DPC की बैठक प्रस्तावित
प्रदेश में बारिश की कमी बढ़कर 4 प्रतिशत हुई
1 जून से 6 सितंबर तक प्रदेश में 950.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 990.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम है। पिछले आंकड़ों में यह कमी करीब 2 प्रतिशत थी। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल यह कमी बड़ी नहीं मानी जा रही है और आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने से अंतर कम हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ के मौसम (Chhattisgarh Mausam) में अगले दो दिनों के बाद बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है। लोगों को गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।
यह भी पढ़ें…Cyber Fraud Account Case : साइबर ठगी के लिए बैंक खाते देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
रायपुर में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में सोमवार को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। रविवार को बिलासपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश के साथ कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में गरज-चमक शुरू होने पर लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना चाहिए। मौसम में बदलाव के दौरान स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी होगा।
यह भी पढ़ें…Cattle Transport Case : भिलाई से महाराष्ट्र जा रही भैंसें पकड़ी गईं, एक आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर में सामान्य से 70 प्रतिशत ज्यादा बारिश
जिलों के आंकड़ों में बारिश की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। बलरामपुर में अब तक सामान्य से 70 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। यहां 1436.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 846.1 मिलीमीटर होती है। इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का असर एक जैसा नहीं रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1105 मिलीमीटर, मुंगेली में 1054.1 मिलीमीटर, रायपुर में 1050.6 मिलीमीटर और बालौदा बाजार में 967.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में बारिश की स्थिति प्रदेश के औसत के मुकाबले बेहतर रही है।
यह भी पढ़ें…Durg Cattle Smuggling Case : कत्लखाने ले जाए जा रहे 15 मवेशी बरामद; 2 आरोपी गिरफ्तार
बेमेतरा में सबसे कम बारिश, 41 प्रतिशत की कमी
दूसरी ओर बेमेतरा में सबसे कम 539.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि यहां सामान्य बारिश 910.5 मिलीमीटर होती है। जिले में बारिश सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। इसके अलावा सरगुजा में 632.3 मिलीमीटर, कबीरधाम में 595.6 मिलीमीटर, कांकेर में 729.1 मिलीमीटर और जशपुर में 765.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश में बारिश का वितरण असमान रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। अब आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ती हैं तो प्रदेश के औसत आंकड़े में सुधार होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ के मौसम (Chhattisgarh Mausam) पर अगले कुछ दिन इसलिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
किसानों और आम लोगों को मौसम पर रखनी होगी नजर
मानसून के इस दौर में किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है। गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खेतों या खुले स्थानों में काम करने से बचना चाहिए। वहीं बारिश बढ़ने पर निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मौसम (Chhattisgarh Mausam) को लेकर लोगों को अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान और चेतावनियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
खबरें और भी हैं : Cabinet Meeting : 9 सितंबर को होगी साय कैबिनेट की बैठक, 11:30 बजे मंत्रालय में जुटेंगे मंत्री




