सीजी भास्कर, 8 सितंबर : छत्तीसगढ़ की सियासत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को ‘काले अंग्रेज’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर काम कर रही है।
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सीएम साय के बयान पर भूपेश का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने यह बयान दुर्ग में चल रहे तीन दिवसीय कांग्रेस संगठन प्रशिक्षण शिविर के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि समाज को अलग-अलग पहचान के नाम पर बांटने की कोशिश की जा रही है। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति लोगों को विभाजित करने पर आधारित है और इसी वजह से वह कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हैं।
बघेल ने कहा कि भाजपा को पहले अपने राजनीतिक तौर-तरीकों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति का आरोप कांग्रेस पर लगाया जा रहा है, उसका इस्तेमाल भाजपा खुद कर रही है।
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प्रभारियों के बदलाव पर भाजपा को दिया जवाब
कांग्रेस में प्रभारियों को बदले जाने के सवाल पर भी बघेल ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा में भी समय-समय पर संगठन के प्रभारियों में बदलाव होता रहा है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में कभी हंटर वाले, कभी धोती वाले और कभी हाफ पैंट-चड्ढी वाले प्रभारी बनते रहे हैं।
बघेल ने कहा कि कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने संगठन में हुए बदलावों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी पार्टी में प्रभारी बदलना संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है।
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सीएम साय ने कांग्रेस पर लगाया था गुटबाजी का आरोप
इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर अंग्रेजों की तरह ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस के नेता जहां जाते हैं, वहां गुटबाजी शुरू हो जाती है।
साय ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां भूपेश बघेल के खिलाफ विरोध हुआ था और ‘गो बैक’ के नारे लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसी वजह से बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटाया गया। इसके बाद बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर ही समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
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हिंदू-मुसलमान और आदिवासी समाज को लेकर भाजपा पर हमला
भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने भाजपा पर हिंदू-मुसलमान के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को भी अलग-अलग पहचान के नाम पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है। बघेल के मुताबिक कांग्रेस की राजनीति समाज को जोड़ने की है, जबकि भाजपा पर उन्होंने विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम देश को जोड़ना है। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा समाज के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश करती है।
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झीरम घाटी मामले में सरकार से पूछे सवाल
झीरम घाटी मामले को लेकर भी बघेल ने सरकार से कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे साजिश की बात सामने आती रही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि इसके पीछे कौन लोग थे। उन्होंने सुरक्षा में हुई चूक का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या इस मामले में किसी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी को सजा मिली है।
बघेल ने एफआईआर में शामिल बताए गए नक्सली नेता रमन्ना के नाम को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि शुरुआत में एफआईआर में नाम होने के बाद बाद में उसे क्यों हटाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती तौर पर करीब 200 नक्सलियों के मौजूद होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद की जांच में केवल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया।
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13 साल बाद 10 नक्सली दोषी, 16 सितंबर को सजा पर फैसला
झीरम घाटी मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने 13 साल बाद 10 नक्सलियों को दोषी ठहराया है। मामले में कुल 11 आरोपियों में से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। अब दोषियों की सजा को लेकर 16 सितंबर को फैसला होना है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने इसी मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने घटना के पीछे कथित साजिश की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए।
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