सीजी भास्कर, 06 नवम्बर । दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले एक सप्ताह से घरेलू बाजार में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी का असर देश की लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप पर भी पड़ा है, जो बढ़कर 502 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। (Indian Stock Market)
बाजार में आई इस तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की जोरदार खरीदारी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर बढ़ता भरोसा सेंसेक्स और निफ्टी को भी मजबूती दे रहा है।
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5 दिन में विदेशी निवेशकों ने लगाए 35,781 करोड़ : Indian Stock Market
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी ने तेजी को और रफ्तार दी है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में कुल 35,781 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
सबसे खास बात यह रही कि पिछले कारोबारी सत्र में ही FIIs ने 14,796 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। यह पिछले छह वर्षों में किसी एक कारोबारी दिन में विदेशी निवेशकों की सबसे बड़ी खरीदारी बताई जा रही है।
विदेशी निवेशकों की इस बड़ी खरीदारी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है और बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है।
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पाकिस्तान की GDP से करीब 13 गुना हुआ भारतीय कंपनियों का मार्केट कैप
भारतीय शेयर बाजार की कुल बाजार पूंजीकरण की तुलना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से करें तो यह आंकड़ा (Indian Stock Market) काफी बड़ा नजर आता है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान की 2025 की GDP करीब 407 अरब डॉलर यानी लगभग 38 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, भारतीय लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 502 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
इस हिसाब से भारतीय कंपनियों का कुल मार्केट कैप पाकिस्तान की GDP से लगभग 13 गुना है।
हालांकि, यहां समझना जरूरी है कि मार्केट कैप और GDP अलग-अलग आर्थिक पैमाने हैं। मार्केट कैप कंपनियों के शेयरों के कुल बाजार मूल्य को दर्शाता है, जबकि GDP किसी देश में एक निश्चित अवधि के दौरान उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को बताती है।
दुनिया के बाजारों में गिरावट, भारत में तेजी : Indian Stock Market
भारतीय शेयर बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब दुनिया के कई बड़े बाजार दबाव में हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बढ़ते नियमन और संभावित प्रतिबंधों की आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
इसका असर अमेरिका के नैस्डैक, दक्षिण कोरिया के कोस्पी और ताइवान के ताइएक्स जैसे प्रमुख बाजारों पर देखने को मिला। इन बाजारों में करीब 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। कुछ बाजारों में भारी बिकवाली के कारण कारोबार रोकने के लिए सर्किट ब्रेकर तक लगाने पड़े।
इसके उलट भारतीय बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में पिछले पांच कारोबारी सत्रों में करीब 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, नवंबर महीने में अब तक दोनों इंडेक्स लगभग 8 फीसदी चढ़ चुके हैं।
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लार्जकैप शेयरों में बढ़ी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी
भारतीय बाजार की मौजूदा तेजी में बड़ी कंपनियों यानी लार्जकैप शेयरों की अहम भूमिका रही है। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और उम्मीद से ज्यादा कमाई ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
इससे पहले बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन ज्यादा बेहतर नजर आ रहा था। लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना था कि बड़ी कंपनियों के शेयरों का वैल्यूएशन आकर्षक स्तर (Indian Stock Market) पर है।
इसी वजह से विदेशी निवेशकों ने अब बड़े और मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेश बढ़ाया है। इसका असर बाजार की कुल वैल्यू और प्रमुख शेयर सूचकांकों पर साफ दिखाई दे रहा है।
कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कंपनियों के मजबूत नतीजे और लार्जकैप शेयरों में आई तेजी ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। हालांकि, वैश्विक बाजारों की स्थिति और विदेशी निवेशकों की आगे की रणनीति पर घरेलू बाजार की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी।
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