सीजी भास्कर, 14 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने प्रोत्साहन राशि की जांच के नाम पर अपने संवर्ग को लक्षित करने का आरोप (CHO Online Reporting Boycott) लगाया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ (CGCHOU) ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 9 अक्टूबर को जारी पत्र पर आपत्ति जताते हुए इसे निरस्त करने या आवश्यक संशोधन के साथ दोबारा जारी करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर 15 अक्टूबर से प्रदेशभर में सभी प्रकार की ऑनलाइन रिपोर्टिंग का अनिश्चितकालीन बहिष्कार किया जाएगा। संघ के मुताबिक, प्रदेश के कई जिलों में पिछले 8 से 9 महीने से प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित है। भुगतान की मांग के बीच जांच संबंधी पत्र जारी होने से CHO संवर्ग में नाराजगी है। संघ ने 10 दिन के भीतर लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की भी चेतावनी दी है।
NHM के पत्र पर आपत्ति
संघ ने NHM राज्य कार्यालय के पत्र क्रमांक NHM-HR/ESTB/18786/2026/2502, दिनांक 9 अक्टूबर 2026 पर आपत्ति दर्ज की है। संघ का आरोप है कि प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितताओं की जांच के नाम पर CHO को एकतरफा तरीके से निशाने पर लिया जा रहा है (CHO Online Reporting Boycott)। संघ के अनुसार, पत्र में मुख्यालय में निवास नहीं करना, ड्यूटी पर देर से पहुंचना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, 50 प्रतिशत से कम ऑनलाइन उपस्थिति, ऑनलाइन कार्यों में लापरवाही और उप स्वास्थ्य केंद्रों में शून्य प्रसव जैसे बिंदु शामिल हैं। संघ ने सवाल उठाया है कि इन सभी विषयों को प्रोत्साहन राशि की कथित अनियमितताओं से जोड़ने का स्पष्ट आधार क्या है।
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लंबित भुगतान से नाराजगी
संघ का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को भुगतान के निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रदेश के अधिकतर जिलों में पिछले 8 से 9 महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। ऐसे में पहले लंबित भुगतान का निराकरण किया जाना चाहिए। संघ ने स्पष्ट किया है कि वह वास्तविक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच या नियमानुसार कार्रवाई के खिलाफ नहीं है। हालांकि, जांच निर्धारित इंडिकेटरों, भुगतान संबंधी अभिलेखों और वास्तविक कार्य निष्पादन के आधार पर होनी चाहिए। किसी भी CHO के विरुद्ध कार्रवाई से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग भी की गई है।
केवल CHO क्यों जिम्मेदार
संघ ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में कई स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका होती है। ऑनलाइन रिपोर्टिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थागत प्रसव जैसे कार्यों में भी निर्धारित कार्यविभाजन के अनुसार अलग-अलग कर्मचारी शामिल रहते हैं। ऐसे में किसी संस्थान के प्रदर्शन या रिपोर्टिंग में कमी के लिए केवल CHO को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संघ ने मांग की है कि संबंधित कर्मचारियों की भूमिका, उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी परिस्थितियों और कार्य अभिलेखों की समीक्षा की जाए। अन्य प्रशासनिक विषयों की जांच भी संबंधित नियमों के अनुसार अलग से होनी चाहिए।
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15 अक्टूबर से बहिष्कार
संघ की घोषणा के अनुसार, NHM के पत्र को निरस्त या आवश्यक संशोधन के साथ दोबारा जारी नहीं किया गया, तो 15 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ऑनलाइन रिपोर्टिंग का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करेंगे (CHO Online Reporting Boycott)। इसके साथ ही, पूर्व में प्रस्तुत मांगों का 10 दिन के भीतर निराकरण नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। संघ ने जिला स्तर के पदाधिकारियों को कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों को आंदोलन की लिखित सूचना देने के निर्देश भी दिए हैं।
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प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने राज्य शासन और NHM के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संघ के मुताबिक, CHO ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान जरूरी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने शासन-प्रशासन से निर्धारित समय-सीमा में मांगों का निराकरण करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाधान नहीं निकलने पर संघ घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलनात्मक कदम उठाएगा। यह संघ की ओर से दी गई चेतावनी है; ऑनलाइन रिपोर्टिंग बहिष्कार के प्रभाव और आगे की कार्रवाई की स्थिति संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
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