सीजी भास्कर, 8 सितंबर : आवासीय विद्यालय (Eklavya School Surguja) में पढ़ने वाली बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए पैदल प्रशासन तक पहुंचना पड़े, यह स्थिति सरकार ने गंभीरता से ली है। छात्राओं के इस कदम की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे मामले में नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय का है। यहां छात्राएं विद्यालय की बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई सहित कई समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट जाने के लिए निकल पड़ीं। छात्राओं के इस तरह विद्यालय से बाहर निकलने की स्थिति ने विद्यालय और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएम ने कलेक्टर से फोन पर ली पूरे मामले की जानकारी
मुख्यमंत्री ने घटना की जानकारी मिलते ही सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा की और पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में लंबे समय से समस्याएं बने रहने और छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए पैदल निकलने की नौबत आने पर कड़ी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित अन्य समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया। छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने वाले जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। इसी के साथ एकलव्य विद्यालय की व्यवस्था (Eklavya School Surguja) में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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लापरवाही मिली तो अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिकायतों को केवल मौजूदा घटना तक सीमित रखकर नहीं देखा जाना चाहिए। विद्यालय की व्यवस्था (Eklavya School Surguja) में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां बच्चियों की समस्याएं समय पर सुनी जाएं और उनका समाधान विद्यालय या छात्रावास स्तर पर ही हो जाए।
बिजली से लेकर मेस और पढ़ाई तक तत्काल सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने छात्राओं द्वारा सामने लाई गई समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने को कहा है। इसमें बिजली व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, नियमित पढ़ाई, मेस की व्यवस्था और साफ-सफाई प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल तत्काल सुधार ही नहीं, बल्कि आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी व्यवस्था तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की नियमित समीक्षा करने तथा अधिकारियों को लगातार निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तक खुद पहुंचने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। विद्यालय की व्यवस्था (Eklavya School Surguja) की निगरानी और बच्चों की जरूरतों को समय पर समझना मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
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बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन संसाधनों और योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बच्चे सरकार और प्रशासन पर भरोसा करके आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को संवेदनशीलता से सुनना और समयबद्ध समाधान करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को छात्राओं से लगातार संवाद बनाए रखने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधारों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अब पूरे मामले में जांच और कार्रवाई के साथ विद्यालय की व्यवस्था (Eklavya School Surguja) को बेहतर बनाने पर भी फोकस रहेगा।
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