सीजी भास्कर, 08 सितंबर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्वास्थ्य विभाग (Health Department Review) की समीक्षा बैठक ली। ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और तय लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए।
- HPV टीकाकरण से कोई पात्र बच्चा न रहे वंचित Health Department Review
- NRC में 100 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी का लक्ष्य
- BP और डायबिटीज स्क्रीनिंग में 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि का लक्ष्य
- RBSK और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा
- टीबी, डेंगू और आयुष्मान कार्ड पर भी विशेष फोकस
- मातृत्व स्वास्थ्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान टीकाकरण, पोषण, गैर-संचारी रोग, कैंसर स्क्रीनिंग, एनीमिया मुक्त भारत, टीबी नियंत्रण, मातृत्व स्वास्थ्य और आयुष्मान कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई।

HPV टीकाकरण से कोई पात्र बच्चा न रहे वंचित Health Department Review
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी पात्र बच्चों का 100 प्रतिशत HPV टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर लगातार निगरानी करने और टीकाकरण अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
यह भी पढ़ें: Dhan Kharidi 2026-27 : धान खरीदी से पहले सरकार का बड़ा एक्शन, बारदाने से लेकर किसान पंजीयन तक तैयारियां तेज
NRC में 100 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी का लक्ष्य
पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी केंद्रों में 100 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही धरसींवा स्थित NRC को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
BP और डायबिटीज स्क्रीनिंग में 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि का लक्ष्य
बैठक में गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उच्च रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग में 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए।
वहीं ओरल, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग का लक्ष्य 75 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को मैदानी स्तर तक प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
RBSK और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग को 100 प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने ‘A’ कैटेगरी में चिन्हित बच्चों के समुचित उपचार को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा एनीमिया मुक्त भारत अभियान में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।
यह भी पढ़ें: Deepak Baij Attack : स्कूलों से सड़कों तक सरकार पर बरसे दीपक बैज, बोले- हर मोर्चे पर फेल हुई भाजपा सरकार
टीबी, डेंगू और आयुष्मान कार्ड पर भी विशेष फोकस
बैठक में टीबी नोटिफिकेशन और निक्षय मित्र कार्यक्रम में भी 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान और प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
मातृत्व स्वास्थ्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा
मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और संस्थागत प्रसव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
बैठक में नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, CMHO डॉ. मिथलेश चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की केवल कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर लगातार निगरानी जरूरी है। पात्र हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।
खबरें और भी हैं…Dead Body Found in Pond : कोरबा में तालाब में तैरती मिली युवक की लाश, अस्पताल में बेटी के जन्म के बीच परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़



