सीजी भास्कर, 8 सितंबर : किसानों से जुड़ी योजनाओं और धान खरीदी की व्यवस्था के लिए डिजिटल फसल सर्वे जरूरी हो गया है (Digital Crop Survey)। बलरामपुर जिले में इसे 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में किसानों, फसलों और रकबे की जानकारी का सत्यापन कराया जाएगा।
बलरामपुर जिले में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को सर्वे का काम समय-सीमा में और पूरी शुद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत 17 अगस्त 2026 से हुई है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सर्वे में किसी तरह की त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी।

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किसानों पर पड़ेगा सीधा असर Digital Crop Survey
डिजिटल क्रॉप सर्वे से मिलने वाले आंकड़े फसल उपज के आकलन, अलग-अलग फसलों के क्षेत्रफल और धान के रकबे के निर्धारण में उपयोग होंगे। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर धान और अन्य फसलों के उपार्जन, उर्वरक वितरण तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कलेक्टर ने कहा कि केवल समय पर सर्वे पूरा करना पर्याप्त नहीं है। दर्ज जानकारी शुद्ध, पूरी और वास्तविक मैदानी स्थिति के अनुरूप होनी चाहिए। सर्वे की जानकारी में गलती होने पर किसानों को मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए डिजिटल फसल सर्वे की शुद्धता (Digital Crop Survey) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
2 अक्टूबर को होगा सत्यापन
सर्वे में दर्ज जानकारी का सत्यापन 2 अक्टूबर 2026 को होने वाली ग्राम सभाओं में किया जाएगा। ग्राम सभा के दौरान किसानों, फसलों और उनके रकबे का ग्रामवार विवरण पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके जरिए ग्रामीण दर्ज जानकारी को मौके पर सत्यापित कर सकेंगे।
हर ग्राम सभा के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। वे विवरण का वाचन कराने के साथ किसानों को जरूरी जानकारी भी देंगे। किसी पात्र किसान का नाम छूटने या फसल और रकबे की जानकारी गलत मिलने पर तत्काल सुधार किया जाएगा। इस प्रक्रिया से डिजिटल क्रॉप सर्वे का सत्यापन (Digital Crop Survey) अधिक भरोसेमंद बनाने पर जोर रहेगा।
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एक भी पात्र किसान न छूटे
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे में कोई पात्र किसान छूटना नहीं चाहिए। फसल और रकबे से संबंधित प्रविष्टियां भी वास्तविक स्थिति के अनुरूप दर्ज होनी चाहिए। जिले में सर्वे की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी की जाएगी।
किसी भी कमी या त्रुटि का समय रहते निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसानों का डिजिटल फसल सर्वे (Digital Crop Survey) पूरी तरह शुद्ध और पूर्ण हो।
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धान खरीदी का बनेगा आधार
डिजिटल क्रॉप सर्वे से तैयार आंकड़े आगामी धान उपार्जन व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। धान के वास्तविक रकबे और फसल संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से उपार्जन की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही कृषि योजनाओं और उर्वरक वितरण की व्यवस्था भी इन आंकड़ों पर आधारित होगी।
कलेक्टर ने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता में किसी भी तरह की कमी स्वीकार्य नहीं होगी। धान खरीदी और कृषि योजनाओं के लिए सर्वे (Digital Crop Survey) को पूरी गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।




