सीजी भास्कर, 19 जून। महाराष्ट्र के विधायक दल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के लिए संचालित योजनाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के कृषि मॉडल की सराहना करते हुए इसे किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बताया। (Maharashtra MLAs Visit Chhattisgarh)
धान खरीदी व्यवस्था ने खींचा ध्यान : Maharashtra MLAs Visit Chhattisgarh
बैठक के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छत्तीसगढ़ से सटे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन मूल्य और प्रशासनिक प्रबंधन उनके लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
महाराष्ट्र में भी अपनाने पर विचार
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी इसी तरह की व्यवस्थाएं विकसित करने की बात कही।
राज्यों के बीच अनुभव साझा करना जरूरी : साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्यों के बीच सफल योजनाओं और अनुभवों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडलों को समझने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाने का अवसर मिलता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस : Maharashtra MLAs Visit Chhattisgarh
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष राज्य में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है।




