सीजी भास्कर, 8 सितंबर : किसानों को धान बेचने के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी (Dhan Kharidi Kendra)। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पांच नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की मंजूरी दी गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को समय और परिवहन खर्च में बड़ी राहत मिलेगी।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सिहार, परसागुड़ी, लिलौटी, चेरा और पचावल में ये नए केंद्र खोले जाएंगे। प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों के लिए कुल 354 नए धान उपार्जन केंद्रों को अनुमति मिली है। जिले में नए केंद्र शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर स्थित केंद्रों तक जाने की परेशानी कम होगी।

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इन 5 जगहों पर खुलेंगे केंद्र
शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम सिहार, राजपुर के परसागुड़ी, बलरामपुर के लिलौटी तथा रामचंद्रपुर विकासखंड के चेरा और पचावल में नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य किसानों को उनके गांवों के नजदीक धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
नए केंद्रों से किसानों के समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही धान की बिक्री की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी। इन सुविधाओं से धान बेचने की सुविधा (Dhan Kharidi Kendra) ग्रामीण क्षेत्रों में और मजबूत होगी।
केंद्रों पर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
शासन ने नए केंद्रों की स्थापना के लिए जरूरी सुविधाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जहां मंडी या उपमंडी प्रांगण उपलब्ध होंगे, उनका उपयोग किया जाएगा। अन्य स्थानों पर पर्याप्त समतल और ऊंची भूमि का चयन किया जाएगा, ताकि धान का सुरक्षित रखरखाव हो सके।
हर केंद्र में कंप्यूटर, दो प्रिंटर, यूपीएस और जनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट और आईरिस उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। आर्द्रतामापी, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र, पॉलिथीन कवर और डनेज सामग्री जैसी सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी। केंद्रों पर इंटरनेट, बिजली, प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था रहेगी। इन व्यवस्थाओं से धान खरीदी केंद्र की सुविधा (Dhan Kharidi Kendra) बेहतर होगी।
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गांवों की होगी मैपिंग
नए उपार्जन केंद्रों की मैपिंग भारत सरकार के पीसीएसएपी पोर्टल में की जाएगी। इन केंद्रों से जुड़े गांवों का निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। जिला प्रशासन स्थानों का चिह्नांकन कर कार्ययोजना तैयार करेगा।
प्रशासन के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में नए केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और किसानों के लिए धान खरीदी (Dhan Kharidi Kendra) की व्यवस्था और आसान होगी।
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उचित मूल्य मिलने की उम्मीद
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने नए उपार्जन केंद्रों को किसान हितैषी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के जरिए अन्नदाताओं को अपनी उपज का उचित मूल्य आसानी से मिल सकेगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों के अनुसार जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने किसानों से बेहतर कृषि कार्य पर ध्यान देने और मेहनत के साथ खेती करने का आह्वान किया। नए केंद्रों के माध्यम से धान बेचकर किसान आर्थिक तरक्की की ओर आगे बढ़ सकेंगे। धान उपार्जन की नई व्यवस्था (Dhan Kharidi Kendra) से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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