सीजी भास्कर, 06 अगस्त। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2021 के बहुचर्चित पेपर लीक और भर्ती घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आयोग के पूर्व सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करना बेहद गंभीर अपराध है, जिससे लाखों युवाओं के भविष्य और पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। (CGPSC Paper Leak Case)
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हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के विश्वास पर सीधा आघात हैं। अदालत ने माना कि इस तरह के मामलों में आरोपी को राहत देने से गलत संदेश जा सकता है। इसी आधार पर पूर्व सचिव की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
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CBI जांच में मिले अहम साक्ष्य
मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) के अनुसार, जीवन किशोर ध्रुव वर्ष 2020 से 2022 तक CGPSC के सचिव रहे। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मुख्य परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले अपने बेटे सुमित ध्रुव तक पहुंचाए।
सीबीआई ने भिलाई स्थित उनके आवास पर छापेमारी के दौरान मुख्य परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, उत्तर-पुस्तिकियां और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए थे। जांच में सामने आया कि बरामद दस्तावेजों में दर्ज अधिकांश प्रश्न मुख्य परीक्षा में पूछे गए थे। एजेंसी का आरोप है कि इन्हीं प्रश्नों के आधार पर उनके बेटे का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ।
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बचाव पक्ष की दलीलें नहीं आईं काम
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी ने अपने बेटों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी पहले ही आयोग को दे दी थी और गोपनीय कार्यों से स्वयं को अलग कर लिया था। साथ ही यह भी कहा गया कि उनका नाम प्रारंभिक एफआईआर में नहीं था और वे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं।
हालांकि, सीबीआई ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी संवैधानिक जिम्मेदारी वाले पद पर रहते हुए परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रहे तथा उनके खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं।
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जांच जारी, अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई का कहना है कि मामले की जांच जारी है और भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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