सीजी भास्कर, 08 सितंबर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर (Chhattisgarh Congress) दी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दिसंबर 2026 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों के लिए विभिन्न नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। पार्टी ने चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश के 15 नगरीय निकायों में दिसंबर 2026 में चुनाव प्रस्तावित हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस ने प्रमुख नेताओं को अलग-अलग निकायों की जिम्मेदारी सौंपी है।

बड़े नगर निगमों के लिए वरिष्ठ नेताओं को मिली जिम्मेदारी Chhattisgarh Congress
कांग्रेस ने प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में अनुभवी नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। बीरगांव नगर निगम की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को सौंपी गई है। वहीं भिलाई नगर निगम के लिए धनेन्द्र साहू को अहम जिम्मेदारी दी गई है।
रिसाली नगर निगम में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि भिलाई-चरौदा नगर निगम की जिम्मेदारी विधायक विकास उपाध्याय को दी गई है।
इन नेताओं की जिम्मेदारी स्थानीय कांग्रेस संगठन, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर चुनावी तैयारियों को गति देना होगा।
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स्थानीय समीकरण और संगठनात्मक स्थिति पर रखेंगे नजर
कांग्रेस द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक संबंधित निकाय क्षेत्रों में पार्टी संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे। वे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संभावित उम्मीदवारों, स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे।
पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की जानकारी प्रदेश कांग्रेस संगठन तक पहुंचाएंगे। इसके आधार पर पार्टी आगे की चुनावी रणनीति तैयार करेगी।
5 नगर पालिका और 6 नगर पंचायतों में भी नियुक्त हुए पर्यवेक्षक
कांग्रेस ने केवल बड़े नगर निगमों तक ही तैयारी सीमित नहीं रखी है। पार्टी ने 5 नगर पालिकाओं और 6 नगर पंचायतों के लिए भी पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
इन नियुक्तियों को जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन को सक्रिय करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस का फोकस स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने और चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती बढ़ाने पर है।
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दिसंबर चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक गतिविधियां
दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव को लेकर आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस द्वारा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को चुनावी तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब पर्यवेक्षक स्थानीय स्तर पर संगठन की बैठकों, कार्यकर्ताओं से संवाद और चुनावी समीकरणों की समीक्षा करेंगे। कांग्रेस की नजर निकाय चुनाव में मजबूत प्रदर्शन के जरिए प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने पर रहेगी।
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