सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से नौकरी की तलाश में रूस गया विनीत कुमार दुबे 7 अक्टूबर (Bilaspur News) से लापता है। परिवार का आरोप है कि उसे बंधक बनाकर रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर मारपीट और ड्रग्स के मामले में फंसाने की धमकी देने की बात भी सामने आई है। परिजनों ने उसकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन से मदद मांगी है।

टेलीग्राम ग्रुप से मिली थी नौकरी की जानकारी Bilaspur News
परिजनों के मुताबिक, बिल्हा निवासी विनीत दसवीं तक पढ़ा है। उसे टेलीग्राम ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा। परिवार का कहना है कि वहां उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और पहले होटल में रखा गया। बाद में उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया।
कार में बैठाकर ले जाने के बाद संपर्क टूटा
विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर अज्ञात जगह ले गए। आरोप है कि वहां उस पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया गया। मना करने पर मारपीट और भूखा रखने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय से मांगी मदद
परिवार के अनुसार, किशोर नाम के एक युवक ने वॉट्सऐप के जरिए संपर्क कर विनीत के साथ हुई घटनाओं (Bilaspur News) की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर मदद मांगी।
पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सहायता मांगी है। फिलहाल विनीत कहां है और उसकी स्थिति कैसी है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार ने केंद्र सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर उसकी सुरक्षित वापसी कराने की अपील की है।
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