सीजी भास्कर, 2 नवंबर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों की आवाजाही से किसानों की मुश्किलें (Elephant Attack) बढ़ गई हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग गांवों में हाथियों ने रात के दौरान 10 किसानों के खेतों में पहुंचकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। सोमवार सुबह वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू किया।

कई गांवों में फसल को नुकसान Elephant Attack
धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के चैनपुर में 36 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। यहां एक हाथी किसान तारा राठिया के खेत में पहुंचा और धान की फसल रौंद दी। बायसी में 20 हाथियों के दल ने जगरनाथ राठिया और मंगतू राठिया की फसल को नुकसान पहुंचाया।
वहीं छाल रेंज के सिथरा और तेंदूमुड़ी में बिहारी, मनीराम, रामकुमार और कन्हैया के खेतों में फसल बर्बाद हुई। लैलूंगा रेंज के कोड़ामाई गांव में धोबसिंह, परदेशी और अर्जुन के खेत भी हाथियों की चपेट में आ गए।
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जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास
हाथियों की मौजूदगी की सूचना पर हाथी मित्र दल और ग्रामीणों ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की। हालांकि, हाथी देर रात तक खेतों में मौजूद रहे। उनके लौटने के बाद वन विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू किया। विभाग का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होने पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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जिले में 134 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, रायगढ़ जिले के दो वन मंडलों में कुल 134 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथी हैं, जिनमें 41 नर, 60 मादा और 25 शावक शामिल हैं। वहीं रायगढ़ वन मंडल में 8 हाथियों की मौजूदगी है। इनमें 2 नर, 2 मादा और 4 शावक हैं।
लगातार फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब प्रभावित किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
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