CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » हाईकोर्ट ने कहा- हत्या का प्रयास जघन्य अपराध नहीं:नाबालिग को वयस्क मानकर दी गई उम्रकैद की सजा; HC ने निरस्त किया आदेश

हाईकोर्ट ने कहा- हत्या का प्रयास जघन्य अपराध नहीं:नाबालिग को वयस्क मानकर दी गई उम्रकैद की सजा; HC ने निरस्त किया आदेश

By Newsdesk Admin
24/06/2025
Share

सीजी भास्कर, 24 जून |

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में नाबालिग को वयस्क मानकर सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया है। जस्टिस संजय के अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि आईपीसी की धारा 307 यानी हत्या का प्रयास के तहत अपराध जघन्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता। इसमें न्यूनतम 7 साल की सजा का प्रावधान नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसके आधार पर डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने इस फैसले की कॉपी सभी चिल्ड्रन कोर्ट और बाल कल्याण बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए हैं।

नाबालिग को उम्रकैद की हुई थी सजा

दरअसल, कोरबा जिले में एक 17 साल के किशोर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, जिस पर पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड में चालान पेश किया था। बोर्ड ने आरोपी की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच मानते हुए मामले को जघन्य अपराध की श्रेणी में लिया और प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद इसे चिल्ड्रन कोर्ट को भेज दिया।

चिल्ड्रन कोर्ट ने किशोर को वयस्क मानते हुए ट्रायल किया। जिसके बाद 27 सितंबर 2017 को दिए गए फैसले किशोर को धारा 307 के तहत दोषी करार दिया और उम्रकैद और 2 हजार रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई।

सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील

इस फैसले के खिलाफ किशोर ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपील की। इसमें कहा कि उसे प्रारंभिक मूल्यांकन की रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी गई। न ही रिपोर्ट पर जवाब देने का मौका मिला। इसके अलावा चिल्ड्रन कोर्ट ने भी स्वतंत्र रूप से कोई जांच नहीं की और उसे सीधे दोषी करार दे दिया।

हाईकोर्ट बोला- न्यूनतम 7 साल की सजा पर ही जघन्य अपराध

हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के शिल्पा मित्तल मामले का हवाला देते हुए कहा है कि किसी अपराध को तभी जघन्य माना जाएगा, जब उसमें न्यूनतम 7 वर्ष की सजा का प्रावधान हो। आईपीसी की धारा 307 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

लिहाजा, इसे गंभीर अपराध माना जाएगा, न कि जघन्य। जब अपराध गंभीर हो तो किशोर न्याय बोर्ड को ही मुकदमे की सुनवाई करनी चाहिए। चिल्ड्रन कोर्ट को केस भेजना उचित नहीं था।

रिहाई की संभावना के बिना सजा, यह जेजे एक्ट का उल्लंघन

हाईकोर्ट ने कहा कि चिल्ड्रन कोर्ट ने किशोर को रिहाई की संभावना के बिना उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह जेजे एक्ट की धारा 21 का सीधा उल्लंघन है। कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी किशोर को ऐसी सजा नहीं दी जा सकती जो रिहाई की संभावना को खत्म करे।

हाईकोर्ट ने कहा- गंभीर और जघन्य अपराध में फर्क

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि, धारा 307 (हत्या का प्रयास) एक गंभीर अपराध है, पर जघन्य अपराध नहीं। इसमें न्यूनतम 7 वर्ष की सजा अनिवार्य नहीं है, जबकि जघन्य अपराध की परिभाषा में यह आवश्यक तत्व है।

इसलिए किशोर के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड को ही करनी थी, न कि चिल्ड्रन कोर्ट को। कोर्ट ने इस फैसले की एक कापी राज्य के सभी बाल न्यायालय और बाल कल्याण बोर्डों को भेजने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस तरह की प्रक्रियागत चूक दोहराई न जाए।

छत्तीसगढ़ के बालोद में मंदिर में तोड़फोड़, शिवलिंग और नंदी की मूर्तियां खंडित
Drug Smuggling Busted: तरबूज की आड़ में 1.12 करोड़ का गांजा, पुलिस ने 6 तस्करों को दबोचा
RSS Gram Sampark Abhiyan : एक नवंबर से संघ का व्यापक गृह संपर्क अभियान, 20 हजार गांवों तक पहुंचेगा संदेश
Bastar Development : आदिवासी संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा, बस्तर पंडुम में राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश, शिक्षा और विकास पर दिया जो
भोपाल कांड में नया खुलासा: डांस क्लास में हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर पब और हुक्का लाउंज तक ले जाने का आरोप
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

CRPF job with fake residence certificate : बर्खास्त आरक्षक गिरफ्तार

CRPF job with fake residence certificate

Biggest action against fertilizer mafia : 2300 बोरी खाद जब्त, गोदाम सील

Biggest action against fertilizer mafia

Congress leader suffers heart attack in swimming pool : दोस्तों के साथ गए थे कान्हा किसली

Congress leader suffers heart attack in swimming pool

The big question of privacy on ChatGPT ! यूजर्स का निजी डाटा Google-Meta से शेयर करने के आरोप

The big question of privacy on ChatGPT

Work From Home
Work From Home : सरकारी दफ्तरों में घर से काम की मांग तेज, ईंधन बचाने को लेकर सरकार से की गई बड़ी अपील

सीजी भास्कर, 15 मई। छत्तीसगढ़ में बढ़ती ईंधन…

You Might Also Like

TS Singhdeo Case
छत्तीसगढ़

TS Singhdeo Case : टीएस सिंहदेव की टाकीज में तालाबंदी, 33 साल बाद कलेक्टर पर जुर्माना

30/10/2025
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगदेश-दुनिया

GK Electric Lok Suvidha Finance Deal: ई-व्हीकल खरीदना होगा आसान, जीके इलेक्ट्रिक और लोक सुविधा के बीच रणनीतिक समझौता

07/03/2026
छत्तीसगढ़

Raipur Skywalk Project Delay 2026: तय समय बीता, फिर भी अधूरा स्काईवॉक बना लोगों की परेशानी

24/03/2026
अपराधछत्तीसगढ़भिलाई-दुर्ग

Jewellery Theft in Kumhari : कुम्हारी में सूने मकान से लाखों के जेवरात गायब, प्रोजेक्ट मैनेजर की गैरहाजिरी में हुई बड़ी चोरी

27/11/2025
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?