सीजी भास्कर24 जुलाई‘
भारतीय राजनीति में बयानबाज़ी का स्तर फिर गर्मा गया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “राहुल गांधी को न देश के हित की समझ है और न ही संसद के नियमों की जानकारी।”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार ऐसे बयान देते हैं जो यह दिखाते हैं कि उन्हें न तो संसद की कार्यवाही की गंभीरता का ज्ञान है और न ही भारत के संवैधानिक नियमों का।
‘SIR’ का विरोध कर खुद को किया बेनकाब: दुबे का आरोप
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के SIR (Special Identification of Registered Voters) कानून पर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “यह वही कानून है जिसे उनके पिता राजीव गांधी ने लागू किया था। अब उसी का विरोध कर राहुल ने दिखा दिया कि उन्हें अपने ही परिवार के द्वारा बनाए गए कानूनों की भी जानकारी नहीं है।”
दुबे ने बताया कि SIR का उद्देश्य उन फर्जी और अयोग्य वोटर्स को हटाना है जो अवैध रूप से मतदाता सूची में दर्ज हैं — जैसे कि बांग्लादेशी घुसपैठिए।
“राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं”: संसद में उपस्थिति पर भी उठाए सवाल
दुबे ने राहुल की संसद में उपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
“राहुल गांधी ऐसे विपक्षी नेता हैं जो मीडिया में सिर्फ दो मिनट नजर आते हैं, लेकिन संसद की गंभीर बहसों में उनका योगदान शून्य है। कई सत्रों में तो वह पूरी तरह नदारद रहे हैं।”
“सदन में बोलकर तुरंत बाहर निकल जाते हैं”: संसद नियम 349 का हवाला
निशिकांत दुबे ने संसद नियम 349 का हवाला देते हुए कहा कि “कोई भी सदस्य सदन में भाषण देने के बाद तुरंत बाहर नहीं जा सकता, लेकिन राहुल गांधी हर बार ऐसा करते हैं और फिर मीडिया में जाकर कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया।”
उन्होंने कहा कि “राहुल को कम से कम मल्लिकार्जुन खड़गे से तो सीख लेनी चाहिए कि विपक्ष की भूमिका कैसे निभाई जाती है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और POK को लेकर भी किया बड़ा दावा
बात सिर्फ संसद तक नहीं रुकी। निशिकांत दुबे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि “प्रोविजनल रिपोर्ट्स के अनुसार हम ऑपरेशन सिंदूर में विजयी हुए हैं, लेकिन स्थाई जीत तब मानी जाएगी जब हम पाक अधिकृत कश्मीर (POK) को वापस ले आएंगे।”
उन्होंने पीएम मोदी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि “अब अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो सिर्फ POK को वापस लेने की होगी।”




