ब्लड डोनेट कर बचाई जान
सीजी भास्कर, 26 अगस्त। आज नेशनल डॉग डे है, लेकिन इससे एक दिन पहले एक ऐसी खबर आई, जिसने सबका दिल छू लिया।
एक लैब्राडोर डॉग ने दूसरे डॉग की जान बचाने के लिए अपना खून दिया. ये मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का है। जिस डॉग ने खून दिया उसका नाम शैम्पू है। उसने जिस डॉग को खून दिया उसका नाम जिमी है। दोनों फिमेल लैब्राडोर डॉग हैं। शैम्पू बिलासपुर के रहने वाले रूपेंद्र वैष्णों की डॉग है।
उसने जिस बीमार डॉग जिमी को खून दिया वो जांजगीर जिले की रहने वाली नीलिमा सूर्यवंशी की डॉग है। जिमी बीते कई दिनों से गंभीर बीमारी से परेशान थी। बीमारी के चलते उसको उल्टी-दस्त शुरू हो गई थी। उसकी हालत बहुत बिगड़ गई थी। उसके शरीर में केवल 2.5 ग्राम खून ही बचा था।
पशु चिकित्सक ने नीलिमा सूर्यवंशी को अपने डॉग की तत्काल ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सलाह दी, ताकि उसकी जान बच सके।
डॉक्टरों की देखरेख में हुआ ब्लड डोनेशन का काम
इसके बाद नीलिमा सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया के जरिये बिलासपुर के डॉग लवर रूपेंद्र वैष्णो से संपर्क साधा।
फिर रूपेंद्र ने बिना देरी के ये फैसला किया कि वो दो साल नौ महीने की अपनी डॉग शैम्पू का खून जिमी को डोनेट करेंगे।
फिर डॉक्टरों की देखरेख में शैम्पू का ब्लड जिमी को दिया गया। ब्लड डोनेट करने का ये काम बिलासपुर के सरकंडा स्थित एक निजी पशु चिकित्सालय में किया गया।
खून मिलने के बाद डॉग की तबियत सुधर रही
जिमी दो साल पांच महीने की है. शैम्पू का खून मिलने के बाद उसकी तबियत में सुधार आने लगा। अब धीरे-धीरे उसकी तबीयत सुधर रही है।
डॉग लवर रूपेंद्र वैष्णो ने बताया कि सरकंडा के डॉक्टर ने उनकी फिमेल डॉग से ब्लड डोनेट कराया।
बता दें कि यह मामला न केवल डॉग्स के लिए प्रेम और करुणा का उदाहरण है, बल्कि इंसानों को भी सीख देता है।