सीजी भास्कर, 15 सितंबर। गांव की गलियों में रोज़-रोज़ हो रही हलचल ने आखिरकार लोगों के सब्र (Illicit Liquor Sale) का बांध तोड़ दिया। दिन-रात चल रहे एक धंधे से अब महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि इस गोरखधंधे को दबाने के बजाय कुछ ताकतें इसे संरक्षण देती रही हैं। लेकिन इस बार हालात ऐसे बने कि पीड़ित महिलाएं खुद मैदान में उतर आईं और सीधे जिम्मेदार दफ्तर का घेराव कर डाला।
तीखे नारों और गुस्से से भरे विरोध ने अधिकारियों को हिला कर रख दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी पिता-पुत्र खुलेआम शराब बेच रहे हैं और पुलिस की मिलीभगत से उनका हौसला बढ़ता जा रहा है। महिलाओं ने साफ चेतावनी दी कि अब किसी भी हाल में गांव में (Illicit Liquor Sale) बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह पूरा मामला नैला सिवनी क्षेत्र के देवरहा पारा गांव का यहां की महिलाओं ने आबकारी दफ्तर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप लगाया गया कि संतोष कुमार धीवर और उसका पुत्र सतीष कुमार धीवर गांव में चौबीसों घंटे अवैध शराब का धंधा चलाते हैं।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, मोहल्ले का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। कई बार समझाने के बाद भी आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। महिलाओं ने बताया कि जब पुलिस की टीम उसे पकड़कर ले भी जाती है, तो बीच रास्ते में लेन-देन कर छोड़ देती है। ऐसे में उसका हौसला और ज्यादा बुलंद हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूरा परिवार अवैध महुआ शराब बिक्री में शामिल है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि मोहल्लेवासियों को जिला आबकारी कार्यालय तक पहुंचकर अपनी बात रखनी पड़ी। उन्होंने कहा कि मना करने पर आरोपी गाली-गलौज करता है और मारपीट की धमकी देता है।
महिलाओं ने अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन जिला आबकारी अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में कमलेश्वरी चौहान, निर्मला धीवर, धनबाई धीवर, बुधवारा, कुंती बाई, पार्वती बाई, उर्मिला धीवर, रामेश्वरी बाई, संतोषी धीवर, पायल कुमारी, यशोदा, गंगा बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।
आबकारी विभाग ने प्रदर्शनकारियों की शिकायत दर्ज कर जांच का आश्वासन दिया है। महिलाएं कहती हैं कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो (Illicit Liquor Sale) के खिलाफ उनका आंदोलन और तेज़ होगा।



