सीजी भास्कर, 19 मई। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बलौदा बाजार आगजनी कांड मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले निचली अदालत से भी उन्हें राहत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब Amit Baghel को जेल में ही रहना होगा। (Baloda Bazar fire incident)
अलग-अलग धाराओं में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने अमित बघेल को आगजनी कांड में संलिप्तता पाए जाने के बाद विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में उनके खिलाफ कई मामलों में भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पहले निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह से उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
जैतखाम तोड़फोड़ से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, 15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात गिरौधपुरी धाम स्थित सतनामी समाज के पूज्य जैतखाम में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। इस घटना के बाद समाज में भारी आक्रोश फैल गया था।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन समाज के लोग कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप : Baloda Bazar fire incident
मामले को बढ़ता देख प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की थी। इसके बावजूद 10 जून 2024 को हजारों लोग बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट के पास प्रदर्शन के लिए जुटे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और उपद्रवियों ने कलेक्टर एवं एसपी कार्यालय में आग लगा दी। हिंसा और आगजनी में सरकारी संपत्तियों को करीब 12.53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
Baloda Bazar fire incident : अब तक 187 लोगों की गिरफ्तारी
बलौदा बाजार अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 43 अलग-अलग मामलों में अब तक 187 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
देखिए विडियो – https://youtube.com/shorts/lWNlvbjZZNQ?si=aOROmMt3bss0qxHS



